हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 10 लोग लापता हैं. आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.Also Read - Himachal Pradesh ने कोरोना टीकाकरण के मामले में बनाया रिकॉर्ड, 18 साल से अधिक की आयु के 100 फीसदी लोगों को लगी पहली डोज

राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि लाहौल-स्पीति में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई और नौ लोग लापता हो गए, जबकि चम्बा जिले से एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली है. Also Read - Kab Khulenge Schools: हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट में हुआ फैसला, चार सितंबर तक नहीं खुलेंगे स्कूल

उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब आठ बजे लाहौल के उदयपुर में बादल फटा. उन्होंने बताया कि मजदूरों के दो तम्बू और एक निजी जेसीबी पानी में बह गई तथा जम्मू-कश्मीर निवासी 19 वर्षीय श्रमिक मोहम्मद अल्ताफ घायल हो गया. अल्ताफ को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है. Also Read - Sarkari Naukri 2021: इस राज्य में भरे जाएंगे शिक्षकों के 4,000 खाली पद, जानें सरकार का क्या है फैसला...

अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के दलों को लापता लोगों की तलाश के लिए भेजा गया, लेकिन पानी के तेज बहाव ने मंगलवार रात तलाश अभियान को बाधित किया.

उन्होंने बताया कि तलाश अभियान बुधवार सुबह फिर से शुरू किया गया. उन्होंने बताया कि चम्बा में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में चम्बा-पठानकोट मार्ग पर चाणेड तहसील में एक जेसीबी हेल्पर बह गया. पुलिस और दमकल के दल तलाश अभियान चला रहे हैं.

मोख्ता ने बताया कि लाहौल-स्पीति के विभिन्न हिस्सों में कई स्थानों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और लगभग 60 वाहन फंस गए हैं. लाहौल में राज्य राजमार्ग संख्या 26 (एसकेटीटी) पर किर्तिंग गांव के पास भूस्खलन के कारण सड़क बाधित हो गई है. इसकी मरम्मत के लिए एक जेसीबी भेजी गई है.

इस बीच, राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है और शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने रेड अलर्ट जारी किया है. मोख्ता ने बताया कि इससे पहले मंगलवार को भारी बारिश के कारण भागा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद लाहौल-स्पीति के दारचा गांव से कई लोगों को बाहर निकाला गया था.

दारचा पुलिस जांच चौकी के मुताबिक, भारी बारिश से नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया, जिसके कारण नदी किनारे की तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं. अधिकारी ने बताया कि निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.