नई दिल्ली: क्षेत्र में कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत साझा रणनीति का खाका खींचने के वास्ते सभी दक्षेस सदस्य देशों की वीडियो कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षेस देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों से कोरोना वायरस से निपटने के लिये संयुक्त रणनीति बनाने को लेकर संवाद करते हुए सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया. साथ ही उन्होंने इसको लेकर नहीं घबराने की अपील की. इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में भारत का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी ने किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “जैसा कि हम सभी जानते हैं, COVID-19 को हाल ही में W.H.O द्वारा महामारी घोषित किया गया है. अब तक, हमारे क्षेत्र ने कोरोना वायरस के 150 से कम मामले सामने आए हैं. लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है.” Also Read - Coronavirus के खिलाफ जंग में भारत को बड़ी सफलता, तैयार की ये किट

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद में मोदी के अलावा श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य ममलों पर विशेष सहायक जफर मिर्जा शामिल हुए . Also Read - कई चरणों में लॉकडाउन हटाने की तैयारी में राजस्थान, मुख्यमंत्री ने दिए संकेत

SAARC देशों के नेताओं से चर्चा के दौरान PM मोदी बोले कि कोरोना एक महामारी के रूप में आया है और हमें साथ मिलकर काम करना होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 पर दक्षेस देशों के नेताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद में कहा कि एक-एक करके उठाये गए हमारे कदमों से अफरातफरी से बचने में मदद मिली, संवेदनशील समूहों तक पहुंचने के लिये विशेष कदम उठाये. Also Read - COVID19: तमिलनाडु में बढ़े केस, 690 संक्रमितों से 636 तबलीगी जमात के इवेंट में हुए थे शामिल

मोदी ने कहा, “हमने विभिन्न देशों से लगभग 1400 भारतीयों को निकाला. हमने अपनी ‘पड़ोस पहले नीति’ के अनुसार आपके कुछ नागरिकों की मदद की है.” उन्होंने कहा कि भारत का मंत्र रहा है ‘तैयार रहें, लेकिन घबराएं नहीं’. इस मंत्र से कोरोना वायरस से मुकाबला किया जा सकता है. पीएम ने कहा, “हमने जनवरी के मध्य से ही भारत में स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी. इसके साथ हमने प्रतिबंध बढ़ाने भी शुरू कर दिए थे. स्टेप-बाई-स्टेप अप्रोच से हमें फायदा हुआ है.”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत नेपाल के पीएम केपी ओली शर्मा को धन्यवाद करते हुए की, जिन्हें हाल ही में किडनी की समस्या के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली है. पीएम ने कहा, “मैं इस विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं. विशेष रूप से हमारे मित्र नेपाल पीएम केपी शर्मा ओली को धन्यवाद देता हूं, जो अपनी हालिया सर्जरी के तुरंत बाद हमसे जुड़े हैं. मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं. यह सभी देश कोरोना वायरस की चपेट में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे निपटने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने और विश्व के सामने एक उदाहरण रखने के उद्देश्य से दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) नेताओं को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए चर्चा का शुक्रवार को प्रस्ताव रखा था.

मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह
सभी सार्क सदस्य देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह कहा कि भारत से सामान्य सहायता प्राप्त करने के लिए मालदीव भाग्यशाली है. उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं अपनी सरकार की तरफ से श्री मोदी और भारत के लोगों की सराहना करता हूं.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी
वहीं अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा, “हमें टेली-मेडिसिन के लिए कोरोनोवायरस का मुकाबला करने के लिए एक सामान्य ढांचा तैयार करना चाहिए. सीमाओं के बंद होने से भोजन, दवाओं और बुनियादी वस्तुओं की उपलब्धता की महत्वपूर्ण समस्या हो जाएगी.”

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे
सभी सार्क सदस्य देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में श्रीलंका के अध्यक्ष गोतबय्या राजपक्षे ने कहा कि सबसे पहले मैं अपने अनुभवों, विचारों को साझा करने, चुनौतियों को समझने और उपायों पर चर्चा करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं. श्रीलंकन राष्ट्रपति ने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से झटका लगा है, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र में जो पिछले वर्ष के आतंकवादी हमले के बाद ठीक हो रहा था. मैं सार्क नेताओं को हमारी अर्थव्यवस्थाओं को कठिन दौर से निपटने में सहायता करने के लिए तंत्र तैयार करने की जोरदार सलाह देता हूं.” श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कोरोना वायरस से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए दक्षेस मंत्रिस्तरीय समूह के गठन का प्रस्ताव किया.

शेख हसीना, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, “मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने यह पहल की. मैं भारतीय छात्रों के साथ वुहान (चीन) से हमारे 23 छात्रों को लाने और उनकी मेजबानी करने के लिए भी उन्हें धन्यवाद देती हूं.” बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि दक्षेस देशों के स्वास्थ्य मंत्री कोविड-19 से जुड़े विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग कर सकते हैं.

नेपाल PM के.पी. शर्मा ओली
नेपाल PM के.पी. शर्मा ओली ने कहा, “मैं पीएम मोदी जी को इस पहल के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारा सामूहिक ज्ञान और प्रयास इस समय जब हम COVID19 से लड़ रहे हैं, हमें SAARC क्षेत्र के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने में मदद करेंगे।” उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक प्रयास कोरोना वायरस से निपटने में दक्षेस क्षेत्र में ठोस रणनीति तैयार करने में मदद करेगा.

भूटान PM लोटे शेरिंग
भूटान PM लोटे शेरिंग ने कहा, “हम सभी को एक साथ लाने के लिए पीएम मोदी को उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि एकजुटता की तो हर समय आवश्यकता है लेकिन जब दुनिया एक महामारी से लड़ रही है, तो ऐसे समय में हमारे आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ देना चाहिए.”

स्वास्थ्य मामलों पर विशेष सहायक जफर मिर्जा, पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य मामलों पर विशेष सहायक जफर मिर्जा ने कहा कि कोरोना वायरस फैलने के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये कोई भी देश मुंह नहीं मोड़ सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमें सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करनी चाहिये और सबसे खराब के लिये तैयार रहना चाहिये.