High Alert At India Nepal Border Indian Citizens Stranded In Kathmandu 10 Key Updates On Nepal Situation
भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, काठमांडू में फंसे भारतीय नागरिक, 10 पॉइंट्स में जानिए नेपाल के अब तक के सभी अपडेट्स
नेपाल में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच काठमांडू में कई भारतीय और विदेशी पर्यटक फंस गए हैं. हिंसा को देखते हुए नागरिकों ने भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है.
नेपाल सरकार ने 4 सितंबर को सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, एक्स, यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया था. सरकार का कहना था इन कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. इस बैन को युवाओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना और प्रोटेस्ट किया. 8 सितंबर से शुरू हुए युवाओं के आंदोलन ने आक्रोश रूप लिया और प्रदर्शन से 10 सितंबर तक घातक परिणाम सामने आ चुके हैं. हिंसक प्रदर्शन के चलते केंद्रीय एजेंसियों ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सहित भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है.उत्तराखंड के चंपावत (जहां सीमा नेपाल के महेंद्रनगर से जुड़ती है) में नेपाल सेना द्वारा कर्फ्यू लागू किए जाने के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. बिहार के मधुबनी में भी एसएसबी को सीमा चौकियों पर तैनात किया गया है. उत्तर प्रदेश में सात सीमावर्ती जिलों (पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज) में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 10 पॉइंट्स में समझिए अबतक क्या क्या हुआ
8 सितंबर को काठमांडू और अन्य शहरों (जैसे इटाहारी) में हजारों युवा सड़कों पर उतरे, भ्रष्टाचार और बैन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़े, जिससे झड़पें शुरू हुईं.
8-9 सितंबर की रात को सरकार ने बैन वापस ले लिया, क्योंकि प्रदर्शन भड़क गए. प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन हो गए, लेकिन गुस्सा शांत नहीं हुआ.
9 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, सिंग्हा दुर्बार (सरकारी मुख्यालय), राष्ट्रपति भवन (सीतल निवास), प्रधानमंत्री आवास (बालुवाटर) और अन्य सरकारी इमारतों को आग लगा दी.
9 सितंबर को पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया. होम मिनिस्टर ने पहले ही इस्तीफा दिया था. राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने ओली को केयरटेकर सरकार का प्रमुख बनाया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहे.
पुलिस ने आंसू गैस, रबर बुलेट्स, वॉटर कैनन और लाइव फायरिंग का इस्तेमाल किया. काठमांडू में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई, जिससे 17 लोगों की मौत हुई. इटाहारी में 2 और मौतें.
अब तक कम से कम 19-22 लोग मारे गए हैं (ज्यादातर युवा), और 100-400 से अधिक घायल हुए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल. अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई. संयुक्त राष्ट्र ने पारदर्शी जांच की मांग की.
काठमांडू के कई हिस्सों, रूपंदेही और पोखरा में कर्फ्यू लगाया गया. आंदोलन पर रोक लगाई गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे तोड़ा. सेना को तैनात किया गया.
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के घर पर हमला किया. पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के घर को तोड़ा, वित्त मंत्री को सड़क पर घसीटा. पूर्व पीएम झाला नाथ खनाल की पत्नी की घर में आग लगने से मौत.
सेना ने काठमांडू में सुरक्षा संभाली, जेल ब्रेक हुए (कास्की में 773 कैदी फरार, तुलसीपुर में 127). काठमांडू एयरपोर्ट बंद, उड़ानें रद्द. भारत, यूएन, यूएस आदि ने शांति की अपील की और यात्रा सलाह जारी की.
नेपाल में हुए जेन जी के प्रदर्शन से सामने आए घातक परिणाम राजनीतिक अस्थिरता दर्शाते हैं. वहां पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है.
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