कोलकाता. पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मौके पर हिंसा की घटनाओं के बाद पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं, जिससे हनुमान जयंती के दौरान राज्य में किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके. सशस्त्र रैलियों पर प्रतिबंध के अलावा हर जिले में अतिरिक्त बल तैनात किये जाएंगे. हर धार्मिक स्थल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. Also Read - Sonagachi: सोनागाछी के सेक्स वर्कर हुए बेहाल, महामारी से बढ़ी मुश्किलें

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. राज्य के हर कोने में पुलिस तैनात की जाएगी. हमलोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे. किसी को भी सशस्त्र रैली के आयोजन की इजाजत नहीं होगी.’ पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त बल तैनात किए जाने के अलावा पुलिस टीम संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे गश्त भी लगायेगी. साथ ही बांग्लादेश सीमा एवं अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. Also Read - Sonagachi: सबसे बड़ा Red Light Area है बंगाल का सोनागाछी, जानें क्या है इसके बनने की कहानी

ममता ने की बैठक
अधिकारी ने बताया, ‘हमें यह रिपोर्ट मिली है कि रविवार को हुई हिंसा (पश्चिम बर्द्धमान जिले के आसनसोल एवं रानीगंज इलाकों) में बाहरी लोग संलिप्त थे.’ सीएम ममता बनर्जी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक, एडीजी (कानून व्यवस्था), गृह सचिव और मुख्य सचिव के साथ बैठक की थी. Also Read - बंगाल: दुर्गा पंडाल में दिखा 'असुर जिनपिंग' का सिर, लोग बोले- मां दुर्गा के हाथों कोरोना वायरस का खात्मा किया

पुलिस से कड़े इंतजाम
रानीगंज एवं आसनसोल में मौजूदा हालात को ध्यान में रखने के अलावा मुख्यमंत्री ने किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए पुलिस को कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए. रामनवमी के दौरान पश्चिम बर्द्धमान और पुरुलिया जिलों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे.