चेन्नई: कोविड-19 के उपचार के रूप में पेश की गयी योगगुरू रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की दवा -कोरोनिल को मद्रास उच्च न्यायालय से झटका लगा है और उसने कंपनी को ट्रेडमार्क ‘कोरोनिल’ का इस्तेमाल करने से रोक दिया.Also Read - Coronavirus cases In India: फिर डरा रहे कोरोना के आंकड़े, एक दिन में 585 लोगों की मौत, 13,451 लोग हुए संक्रमित

न्यायमूर्ति सी वी कार्तिकेयन ने चेन्नई की कंपनी अरूद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड की अर्जी पर 30 जुलाई तक के लिए यह अंतरिम आदेश जारी किया. अरूद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने कहा कि ‘कोरोनिल’ 1993 से उसका ट्रेडमार्क है. Also Read - COVID-19 vaccination: टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए आज राज्यों के स्वास्थ मंत्रियों से मीटिंग करेंगे मंडाविया

कंपनी के अनुसार उसने 1993 में ‘ कोरोनिल-213 एसपीएल’ और ‘कोरोनिल -92बी’ का पंजीकरण कराया था और वह तब से उसका नवीकरण करा रही है. यह कंपनी भारी मशीनों और निरूद्ध इकाइयों को साफ करने के लिए रसायन एवं सेनेटाइजर बनाती है. Also Read - Coronavirus cases In India: एक दिन में 12,428 लोग हुए संक्रमित, 356 लोगों की हुई मौत

कंपनी ने कहा, ‘‘ फिलहाल, इस ट्रेडमार्क पर 2027 तक हमारा अधिकार वैध है.’’पतंजलि द्वारा कोरेानिल पेश किये जाने के बाद आयुष मंत्रालय ने एक जुलाई को कहा था कि कंपनी प्रतिरोधक वर्धक के रूप में यह दवा बेच सकती है न कि कोविड-19 के उपचार के लिए.

(इनपुट: भाषा)