नई दिल्ली: कोरोना की दवाइयां और ऑक्सीजन सिलेंडर बांटने की घोषणा करने वाले बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को सवालों का सामना करना पड़ रहा है. हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर से कई सवाल पूछे हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही दवाओं को बड़ी मात्रा में खरीदने में सक्षम हैं?Also Read - Delhi Coronavirus Update: दिल्ली में कोरोना में बड़ी भारी गिरावट, एक की मौत

जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने सवाल किया कि कैसे किसी व्यक्ति को इस तरह की दवा बांटने की अनुमति दी जा सकती है? क्या उन्हें इसके लिए लाइसेंस मिला है? सांसद की ओर से जो दवाइयां बांटी जा रही हैं उसके लिए डॉक्टरों की सलाह ली गई? Also Read - Corbevax Vaccine: 840 रुपए की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन की कीमत घटाई गई, अब 250 रुपए प्रति खुराक मिलेगी

जजों ने हैरानी जताई और कहा कि उम्मीद थी कि बंद हो गया होगा लेकिन ऐसा हो रहा है. हालांकि जब इस मसले पर गौतम गंभीर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई. दरअसल बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने घोषणा की थी कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को कोरोना की दवाएं और ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त में बांटेंगे. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने 89 साल की बुजुर्ग के बच्चों से कहा- आपकी दिलचस्पी मां-बाप की संपत्ति में ज्यादा है; ये त्रासदी है

जिसके लिए कोई भी जरूरतमंद उनके दफ्तर 22 पूसा रोड और सांसद कार्यालय जागृति एन्क्लेव पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच ये दवाएं ले सकता है. हालांकि इसके लिए मरीज के परिजन को डॉक्टर की पर्ची और आधार कार्ड दिखाना होगा.