दल बदलू विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन, इस राज्य की विधानसभा ने नियम में किया बड़ा बदलाव

Himachal News: हिमाचल सरकार ने दल-बदलने वाले विधायकों के लिए नया कानून लेकर आ रही है. अगर ये विधानसभा में पारित हो जाता है तो पार्टी बदलने वाले सदन सद्स्य को पेंशन नहीं मिलेगा.

Updated Date:April 1, 2026 8:36 PM IST

By Rishabh Kumar Edited By Rishabh Kumar

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने दल बदलने वाले विधायकों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. आज बुधवार को (1 अप्रैल 2026) को विधानसभा में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायकों से जुड़े भत्ते और पेंशन संबंधी संशोधन विधेय, 2026 पेश किया है. सदन से इस विधयेक के पारित होते ही दल बदलने वाले विधायकों को पेंशन नहीं मिलेगा. इसमें साफ साफ बताया गया है कि 14 वीं विधानसभा या उसके बाद चुने गए ऐसे सद्स्य, संविधान के अनुसार अयोग्य घोषित होते हैं. अब वो पेंशन के हकदार नहीं होंगे. इसके लिए सरकार ने 1971 के मौजूदा अधिनियम की धारा 6-बी में नई उपधारा (2-A) जोड़ी गई है.

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सरकार का बड़ा फैसला

हिमाचल प्रदेश में दल-बदल को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में नया संशोधन विधेयक पेश किया. इस प्रस्ताव के पास होने के बाद अब जो विधायक पार्टी बदलकर अयोग्य घोषित होंगे, उन्हें पेंशन नहीं मिलेगी. सरकार का कहना है कि इससे नेताओं पर लगाम लगेगी और वे सोच-समझकर फैसले लेंगे. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि चुने गए प्रतिनिधि जनता के भरोसे को न तोड़ें और अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाएं.

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क्या बदलाव किए गए हैं

इस नए नियम में साफ कहा गया है कि जो विधायक संविधान के दल-बदल कानून के तहत अयोग्य होंगे, वे पेंशन के हकदार नहीं रहेंगे. इसके लिए पुराने कानून में बदलाव करके नई धारा जोड़ी गई है. पहले ऐसा कोई सख्त नियम नहीं था, जिससे कई नेता चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदल लेते थे. अभी के नियम के अनुसार, 5 साल तक विधायक रहने पर 50 हजार रुपये हर महीने पेंशन मिलती है और ज्यादा साल सेवा देने पर पेंशन भी बढ़ती है. विधायक की मौत के बाद उसके परिवार को भी आधी पेंशन देने का नियम है.

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क्यों जरूरी माना जा रहा है फैसला

सरकार का मानना है कि यह फैसला लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है. जब नेता जनता के वोट से जीतकर दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो लोगों का भरोसा टूटता है. हाल ही में कुछ विधायकों ने वोटिंग के दौरान पार्टी लाइन का पालन नहीं किया था, जिसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित किया गया. अब नए नियम के बाद ऐसे नेताओं को पेंशन नहीं मिलेगी. जानकारों का कहना है कि इससे नेताओं को बड़ा संदेश मिलेगा और वे पार्टी बदलने से पहले कई बार सोचेंगे, क्योंकि इसका असर उनकी कमाई पर भी पड़ेगा.

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Published Date:April 1, 2026 8:36 PM IST

Updated Date:April 1, 2026 8:36 PM IST