नई दिल्ली: शिमला जिले और शिमला लोकसभा के अंतर्गत आने वाली चौपाल विधानसभा हिमाचल प्रदेश की सीट संख्या 60 है. यह सामान्य सीट है. पिछली बार हुए विधानसभा चुनाव के दौरान यहां मतदाताओं की कुल संख्या 64,056 थी जो अब बढ़कर 72,858 हो गयी है. यह शिमला जिले का प्रशासनिक उपभाग है जहां देवदार, कैल, एफिर स्पार्स आदि काफी मात्रा में पाया जाता हैं इसके अलावा यहां से उत्तम क्वालिटी के सेब दुनिया भर में मशहूर है. 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने निर्दलीय प्रत्याशी बलबीर सिंह वर्मा को अपना सिरमौर चुना.

बीजेपी के साथ से मजबूत हुए बलवीर
निर्दलीय चुनाव जीतने वाले वर्तमान विधायक बलवीर वर्मा इस बार बीजेपी के टिकट से मैदान में उतरे हैं पीछली बार कांग्रेस महज 600 वोट के निजी अंतर से हारी थी. बीजेपी का साथ मिलने से बलवीर पहले से मजबूत स्थिती में दिखाई दे रहे हैं लेकिन बलवीर पर सरकारी पद का दुरुपयोग और इलाके में माफियाओं के बढ़के प्रभाव से वह निपटने में नाकाम रहे हैं. यह कांग्रेस के लिए क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा है अगर जनता इन सब बातों को ध्यान में रख वोट करती है तो बलवीर और बीजेपी दोनो के लिए ही मुश्किल होगी.

बता दें कि इस बार किस्मत आजमाने कुल 338 उम्मीदवार ने दावेदारी पेश की है जिनमें 19 महिलाएं भी शामिल हैं. प्रदेश की सभी 68 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से वर्तमान में 35 सीटों पर कांग्रेस जबकि 28 पर बीजेपी का कब्जा है जबकि चार निर्दलीय विधायक हैं. वहीं एक सीट खाली है.

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 338 उम्मीदवारों में से 158 उम्मीदवार करोड़पति हैं. वहीं 61 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 31 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले चलने की जानकारी दी है. बता दें कि हिमाचल प्रदेश में सभी 68 सीटों के लिए 9 नवंबर को वोटिंग होगी. 18 दिसंबर को नतीजे आएंगे.

फिलहाल यहां कांग्रेस सत्ता में है. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 36 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था और वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाई. वहीं प्रेम कुमार धूमल की अगुवाई में मैदान में उतरी बीजेपी महज 26 सीटों पर ही सिमट गई थी. वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे हैं.