शिमला/मनाली: मैदानी क्षेत्रों की झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए हजारों लोग हिमाचल प्रदेश की ठंडी व शांत वादियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे प्रदेश की आय बढ़ रही है. हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि हिल स्‍टेशन जैसे नरकंडा, कल्पा, धर्मशाला, पालमपुर और मनाली जैसे शहरों में उत्तर भारत से बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां मनाने आ रहे हैं.Also Read - Himachal Pradesh: मंडी जिले में औट टनल के अंदर बस और ट्रक की टक्कर में एक की मौत, 14 घायल

मनाली के ट्रैवेल एजेंट नकुल ठाकुर ने बताया, “हिल स्‍टेशन वाला रोहतांग पास यात्रियों को कभी भी निराश नहीं करता है. मनाली में प्रतिदिन आने वाले पर्यटकों की औसतन संख्या 20-30 हजार के आसपास है. वीकेंड पर यह संख्या 40 हजार से भी अधिक होती है.” उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले की 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग पास के फिर से खुलने की वजह से पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी हुई है. Also Read - बारिश का कहर : शिमला में भूस्खलन के कारण बहुमंजिला इमारत ढही; देखें Video

यह पास, जहां अभी भी बर्फ की मोटी चादर फैली है, उसे छह महीने बाद दोबारा 1 जून से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. वहां के खुशनुमा माहौल के बारे में कॉर्पोरेट एक्जीक्यूटिव ईशा भटनागर ने कहा, “मैदानी क्षेत्रों की झुलसाने वाली स्थिति की तुलना में यहां का मौसम बहुत आनंदित करने वाला है.” हालांकि पर्यटकों की संख्या को देखते हुए यहां के ज्यादातर होटलों, अतिथि गृह और लॉज वालों ने टैरिफ को दोगुना बढ़ा दिया है. Also Read - Himachal Pradesh Schools Reopen: हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर से खुलेंगे कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल, कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला

वहीं इस घूमने के मौसम में टैक्सी चालक और गाइड दाम बढ़ाकर खुलेआम पर्यटकों की जेब काट रहे हैं. पहाड़ी इलाके जैसे शिमला, कुफरी, नरकंडा, कसौली, चैल, मनाली, डलहौजी, पालमपुर और धर्मशाला में यात्रियों की बाढ़ आ गई है. खबरों के अनुसार, बीते साल के मुकाबले राज्य में पर्यटकों का आगमन करीब 40 से 45 प्रतिशत बढ़ा है.