धर्मशाला: संसद की कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ने के लिए सांसदों के राजी होने के बाद अब हिमाचल प्रदेश में विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान अब सब्सिडी वाला भोजन नहीं मिलेगा. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यहां सोमवार को सदन को यह जानकारी दी. बता दें आम जनता के बीच सांसदों और विधायकों को संसद और विधानसभाओं की कैंटीनों में मिलने वाली सब्‍सिडी का मुद्दा अक्‍सर चर्चा में रहता है.

बता दें कि सांसदों ने संसद की कैंटीन में खाद्य वस्तुओं पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ने का सर्वानुमति से निर्णय किया है. सूत्रों ने बीते 5 दिसंबर यह जानकारी दी. यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सुझाव के बाद यह सहमति बनी.

देश की संसद की कैंटीन में छूट छोड़ने की खबर के बाद हिमाचल के मुख्यमंत्री ने धर्मशाला के तपोवन में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन सदन को बताया कि मार्च 2020 में होने वाले अगले बजट सत्र से यह सब्सिडी खत्म करने का फैसला किया गया है.

30 रुपए में शाकाहार और 40 रुपए में मांसाहार भोजन
बता दें विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान सब्सिडी के साथ 30 रुपए में शाकाहार और 40 रुपए में मांसाहार भोजन उपलब्ध कराया जाता है. ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस बारे में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री से भी बात की. मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में कुछ समय पहले सांसदों के लिए भोजन की सब्सिडी खत्म कर दी गई।

संसद की कैंटीन में सब्सिडी छोड़ने को राजी हुए सांसद
सांसदों ने संसद की कैंटीन में खाद्य वस्तुओं पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ने का सर्वानुमति से निर्णय किया है. सूत्रों ने बीते गुरुवार को यह जानकारी दी थी. सूत्रों के अनुसार यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सुझाव के बाद किया.