मथुरा. देश के कई राज्यों में भीड़-हिंसा यानी मॉब लिंचिंग पर हो रहे चौतरफा हमलों से घिरे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने इन घटनाओं को हिंदुओं और देश की संस्कृति को बदनाम करने वाला करार दिया है. भागवत ने यह बात मथुरा में एक बैठक की शुरुआत करते हुए कही. संघ प्रमुख ने मॉब लिंचिंग के साथ-साथ धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने संघ के प्रचारकों को इस बात की ताकीद की कि वे इन घटनाओं को लेकर सावधान रहें. देश में जहां कहीं भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, उसको लेकर सतर्क रहें.Also Read - RSS प्रमुख भागवत का बयान, अल्पसंख्यकों को कोई खतरा नहीं, संगठित हिंदू से न कभी किसी को खतरा हुआ और न कभी होगा

RSS के सर संघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने यहां कहा कि देश में आजकल भीड़-हिंसा के नाम पर हिन्दू धर्म और संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है. भागवत ने वृन्दावन के वात्सल्य ग्राम में आयोजित संघ की अखिल भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति की द्विदिवसीय बैठक की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘ देश भर में हिन्दू धर्म एवं संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है. कहीं भीड़-हिंसा के नाम पर सियासत करके समाज में घृणा फैलाने का काम हो रहा है तो कहीं गाय के नाम पर. कुछ राज्यों में एक योजना के तहत धर्म परिवर्तन भी कराया जा रहा है. देश में आज जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए सभी प्रचारकों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है.’’ Also Read - 'जनसंख्या असंतुलन के गंभीर परिणाम हम भुगत चुके हैं', नागपुर में बोले RSS प्रमुख, कहा- सभी धर्मों पर लागू होना चाहिए कानून

सर संघचालक ने कहा, ‘‘हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए भिन्न-भिन्न मत-पंथों और उपासना पद्धतियों के लोग साथ बैठें और समाज में जाति एवं वर्गों के बीच पनप रहे भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास करें. जब ऐसा होगा तो निश्चित रूप से सामाजिक स्तर पर कई समस्याएं हल हो जाएंगी.’’ इस बैठक में भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति से जुड़े उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, त्रिपुरा और मेघालय समेत सभी राज्यों के प्रतिनिधि एवं संघ से जुड़े अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. संघ के सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की रिपोर्ट बिंदुवार रखी. संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, दतात्रेय होसबोले और भैया जी जोशी ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे. Also Read - RSS का विजयदशमी उत्सव : इतिहास में पहली बार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई एक महिला, संतोष यादव

(इनपुट – एजेंसी)