नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लेह-लद्दाख के दौरे पर पहुंचे हैं. यहां उन्‍होंने जहां सेनाओं के जवानों का जमकर उत्‍साह बढ़ाया है, वहीं चीन को कड़ा संदेश दिया है. पीएम मोदी लद्दाख के निमू में सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “लेह, लद्दाख से सियाचिन और कारगिल तक … और गलवान के बर्फीले पानी.. हर पहाड़, हर चोटी भारतीय सैनिकों की वीरता का गवाह है. पीएम ने कहा, विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकास का युग है. इतिहास गवाह है कि विस्तारवादी ताकतें या तो हार गई हैं या वापस लौटने के लिए मजबूर हुई हैं. Also Read - Russia Vaccine Update: रूस ने बना ली कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत भी करेगा इस्तेमाल, जानें एम्स की राय

लद्दाख में स्थित निमू में शुक्रवार को सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आप जो सेवा करते हैं उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है. आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा जहां आप तैनात हैं. आपकी भुजाएं उन चट्टानों से भी मज़बूत है, आज आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं. Also Read - मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर हैं राहुल गांधी, इसलिए कांग्रेस कराएगी अध्यक्ष पद पर वापसी!

प्रधानमंत्री  मोदी ने लद्दाख में सैनिकों से कहा, आपने गलवान घाटी में अनुकरणीय समर्पण दिखाया, देश को आप पर गर्व है. वीरता शांति की एक पूर्वशर्त है. Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर

पीएम मोदी ने कहा, जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है. आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आपके त्याग, बलिदान के कारण और भी मजबूत होता है.

पीएम ने कहा, 14 कोर की जांबाजी के किस्से हर तरफ है. दुनिया ने आपका अदम्य साहस देखा है. आपकी शौर्य गाथाएं घर-घर में गूंज रही है. भारत माता के दुश्मनों ने आपकी फायर भी देखी है और आपकी फ्यूरी भी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लद्दाख के लोग हर स्तर पर, चाहे वो सेना हो या सामान्य नागरिक के कर्तव्य हो, राष्ट्र को सशक्त करने के लिए अद्भुत योगदान दे रहे हैं.

पीएम ने कहा, हमारे यहां कहा जाता है, वीर भोग्य वसुंधरा।यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं. ये धरती वीर भोग्या है. इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा सामर्थ्य और संकल्प हिमालय जैसा ऊंचा है. ये सामर्थ्य और संकल्प में आज आपकी आंखों में, चेहरे पर देख सकता हूं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आप उसी धरती के वीर हैं, जिसने हजारों वर्षों से अनेकों आक्रांताओं के हमलों और अत्याचारों का मुंहतोड़ जवाब दिया है. हम वो लोग हैं जो बांसुरीधारी कृष्ण की पूजा करते हैं, हम वहीं लोग हैं जो सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को भी अपना आदर्श मानते हैं.

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे. यहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से बातचीत की. मोदी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे. प्रधानमंत्री इस समय निमू में एक अग्रिम स्थल पर हैं. वहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बातचीत की.