नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शकील अहमद को उसके घर से गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी श्रीनगर में हुई है और उसे दिल्ली लाया जाएगा. शकील अहमद पर टेरर फंडिग के मामले में पूछताछ की जा रही है.

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब जब एनआईए ने सलाहुद्दीन के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की हो. इसके पहले सलाहुद्दीन के तीसरे नंबर के बेटे शाहिद यूसुफ को मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद से वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए ने शकील के घर छापेमारी की, जिसमें उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले. दस्तावेजों के आधार पर ही उसे गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि साल 2011 के टेरर फंडिंग मामले में एनआईए शकील से लगातार पूछताछ कर रही थी. लेकिन शकील ने अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

एनआईए के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में बताया कि शकील को श्रीनगर के रामबाग इलाके से गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में वह एक प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल में प्रयोगशाला सहायक के तौर पर काम कर रहा है. प्रवक्ता ने बताया, आज सुबह एक अभियान में एनआईए की एक टीम ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आतंक के वित्तपोषण के एक मामले में शकील को गिरफ्तार किया. इस मामले में एनआईए सलाहुद्दीन के एक अन्य बेटे को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. इस साल जून में सलाहुद्दीन के एक बेटे शाहिद को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था. वह जम्मू-कश्मीर सरकार के कृषि विभाग में काम करता था.

एनआईए का आरोप है कि शकील अमेरिका की पैसों के लेन-देन से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनी के मार्फत इस मामले में एक अन्य आरोपी एजाज अहमद भट से पैसा प्राप्त करता था. सऊदी अरब का रहने वाला एजाज फरार है. एजेंसी का आरोप है कि शकील ‘‘भट के कई भारतीय संपर्कों में से एक था” जो पैसों के लेन-देन संबंधी कोड के लिए उसके साथ फोन पर संपर्क में रहता था. एनआईए द्वारा अप्रैल 2011 में दर्ज यह मामला दिल्ली के मार्फत हवाला माध्यमों से धन को पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर भेजे जाने से जुड़ा है. एजेंसी का मानना है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्तपोषण और अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया गया.