नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों ने हाल के दिनों में आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडरों समेत कई आतंकवादियों को ढेर करके बड़ी सफलता हासिल की है. लेकिन खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि यह संगठन फिर से सक्रिय हो रहा है और उसने घाटी में 10 दिनों के अंदर कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई है. खुफिया एंजेसियों का कहना है कि वे बड़े पैमाने पर आतंकी हमले को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं और वे सुरक्षा बलों को निशाना बनाएंगे. एजेंसियों ने कहा कि कमजोर पड़ रहे हिजबुल का मुख्य लक्ष्य घाटी में विभिन्न स्थानों पर तैनात सुरक्षा बलों पर हमला करने के साथ ही उनके हथियारों को लूटने का भी है. Also Read - Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के शोपियां में मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर

घाटी में हिजबुल का नेतृत्व कर रहे उसके शीर्ष कमांडर रियाज नाइकू को इस महीने की शुरुआत में उसके घर से कुछ मिनटों की दूरी पर एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था. आतंकी समूह ने अब नाइकू की मौत का बदला लेने की योजना बनाई है. खुफिया एजेंसियों ने कहा कि वे कोविड-19 संकट के बीच स्थानीय युवाओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं. Also Read - भारत से कपास और चीनी आयात नहीं करेगा पाकिस्तान, मुद्दे को कश्मीर से जोड़ा

सूत्रों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों का एक समूह किश्तवाड़ पहुंचा है. खुफिया एंजेसियों ने कहा कि इलाके में हिजबुल कैडर की कमान संभालने के लिए हिजबुल आतंकी अशरफ मौलवी अनंतनाग से किश्तवाड़ जा पहुंचा है. Also Read - Jammu and Kashmir: श्रीनगर के लावायपोरा में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमला, एक जवान शहीद, तीन घायल

एजेंसियों ने कहा कि वे अपने स्वार्थी उद्देश्यों के लिए स्थानीय युवाओं को बरगलाने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा वे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के दौरान पथराव करने वालों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की भी योजना बना रहे हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अलर्ट करते हुए कहा है कि बंधक बनाने वाली स्थिति की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

हिजबुल के शीर्ष कमांडर नाइकू (35) को छह मई को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था. वह पुलवामा जिले के बेगपुरा इलाके में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा किए गए एक आतंकवादी-विरोधी अभियान के दौरान मारा गया था. इस खतरनाक आतंकवादी के सिर पर 12 लाख रुपये का इनाम रखा गया था. इसने जब कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन की कमान संभाली, वह तभी से भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था.

खुफिया एजेंसी के अनुसार, हिजबुल के पांच आतंकवादियों को गुरेज के पास देखा गया है और वे बहुत जल्द जम्मू-कश्मीर घाटी में घुसने की कोशिश कर सकते हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इसके लिए भी चेताया है कि पाकिस्तान की बैटल एक्शन टीम (बीएटी) की ओर से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर विभिन्न भारतीय सेना की चौकियों पर हमला करने की तैयारी की गई है. इसके अलावा एजेंसी ने कहा है कि कृष्णा घाटी और नौशेरा सेक्टरों में आतंकवादियों के दो समूहों द्वारा चौकियों पर हमला करने की भी संभावना है.