नई दिल्‍ली: देश की राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते संकट के बीच आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ, हर्षवर्धन, दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल अनिल बैजल और मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल व राज्‍य आपदा प्रबंधन प्रधिकरण के सदस्‍यों के साथ मीटिंग चल रही है. इसमें संक्रमण के निपटने को लेकर चर्चा हो रही है. Also Read - बिहार में कोरोना: 24 घंटे में 704 नए मामले, करीब 14 हज़ार हुई संक्रमितों की संख्या

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली एलजी अनिल बैजल और सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ राजधानी में COVID19 के संबंध में स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं. Also Read - Covid-19 in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में चार साल की बच्ची सहति 18 और लोग कोरोना पॉजिटिव, कुल मामले 1102 हुए

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में दिल्ली में वैश्विक महामारी से निपटने, अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, जांच की सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया.

शाह, बैजल और केजरीवाल के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और गृह एवं स्वास्थ्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए.

गृह मंत्री ने दिल्ली के तीन नगर निगमों- उत्तर, दक्षिण एवं पूर्व- के महापौरों और नगर निकाय के आयुक्तों के साथ शाम को एक अन्य बैठक बुलाई है. इस बैठक में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल होंगे.

यह बैठक ऐसे समय में की जा रही है, जब दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. दिल्ली में संक्रमण के मामले बढ़कर 39,000 हो गए हैं, जिनमें से 1,200 लोगों की मौत हो गई है. देश में महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं.

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण से निपटने, अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध नहीं होने और प्रयोगशालाओं में जांच कराने में आ रही दिक्कतों को लेकर सरकार को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शहर की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि दिल्ली के अस्पतालों की स्थिति बेहद भयावह है और कोविड-19 मरीजों के पास शव रखे दिख रहे हैं.

शीर्ष कोर्ट की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने कहा कि वह पूरे सम्मान और ईमानदारी के साथ न्यायालय की टिप्पणियों को स्वीकार करती है और दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने और प्रत्येक कोविड-19 मरीज के लिए हरसंभव इलाज सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है.

बैजल ने भी कोविड-19 प्रबंधन योजना और राजधानी में चिकित्सा ढांचे को और सुदृढ़ बनाने पर सुझाव देने के लिए छह सदस्यीय एक समिति का गठन किया है.

बैजल ने हाल में दिल्ली सरकार के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें कहा गया कि अस्पताल के बिस्तर और जांच सिर्फ दिल्ली वालों के लिये हैं और जांच भी उन मरीजों की होगी, जिनमें लक्षण नजर आएंगे.

बैजल की परामर्श समिति में आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्ण वत्स और कमल किशोर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डा . रणदीप गुलेरिया, डीजीएचएस के अतिरिक्त डीडीजी डा. रवींद्रन और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक सुरजीत कुमार सिंह शामिल हैं.

भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 11,929 नए मामले सामने आए . इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,20,922 हो गई है. संक्रमित लोगों में से 311 और लोगों की मौत के साथ मृतक संख्या 9,195 पर पहुंच गई है.