नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को एनडीआरएफ और बाढ़ के दौरान बचाव एवं राहत कार्य से जुड़ी अन्य सभी एजेंसियों को बिल्कुल सतर्क रहने का निर्देश दिया ताकि वे उत्पन्न स्थिति से निपट सकें. यह निर्देश एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिया गया जिसकी अध्यक्षता शाह ने की और शीर्ष अधिकारियों ने उसमें शिरकत की.

 

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने यहां संवाददाताओं से कहा कि गृहमंत्री ने एनडीआरएफ और सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बिल्कुल सतर्क रहने का निर्देश दिया है. असम, बिहार और मेघालय भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. असम में छह, मेघालय में पांच और बिहार में दो लोगों की जान चली गयी है. राय ने बताया कि गृह मंत्री ने केंद्र सरकार के अधिकारियों को बाढ़ से अबतक प्रभावित हुए राज्यों के साथ नियमित संपर्क में रहने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल बचाने की सभी कोशिश होनी चाहिए.

बैठक में देश में वर्षा की स्थिति की समीक्षा की गयी. अधिकारियों ने शाह को असम, बिहार और मेघालय की स्थिति से अवगत कराया. राय ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें पहले ही प्रभावित राज्यों में तैनात कर दी गयी हैं. यदि जरूरत महसूस हुई तो और टीम भेजी जाएंगी. राज्यों को जिस भी तरह की जरूरत महसूस होगी, हम वह देने को तैयार हैं. संबंधित एजेंसियों ने 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किये हैं. शाह ने बाद में ट्वीट किया कि उन्होंने गृह राज्यमंत्री राय एवं मंत्रालय तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की तथा उपयुक्त राहत, बचाव एवं पुनर्वास के कदम उठाने का निर्देश दिया.

एक बयान में गृह मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने उसे सूचित किया है कि पिछले तीन चार दिनों में असम और बिहार में अत्यधिक वर्षा हुई है तथा अगले 48 घंटे के दौरान और वर्षा होने की संभावना है. एनडीआरएफ महानिदेशक ने बताया कि बाढ़ प्रभावित राज्यों में नुकसान संभावित क्षत्रों में पहले से ही एनडीआरएफ की 73 टीमें जरूरी उपकरणों के साथ तैनात हैं. असम और बिहार में एनडीआरएफ की टीमों ने 750 लोगों को बचाया भी है. केंद्रीय जल आयोग ने भी सूचित किया है कि असम में ब्रह्मपुत्र, बेकी, जियाभारली, काटखाल और बराक तथा बिहार में कमला, बागमती, महानंदा, गंडक नदियां उफान पर हैं.