नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि मौजूदा सीमा विवाद को लेकर चीन के साथ कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत चल रही है तथा उन्हें उम्मीद है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा. इसके साथ ही पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी में, शाह ने कहा कि भारत अपनी सीमाओं पर किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे कदमों का उचित जवाब दिया जाएगा. Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे

उन्होंने ‘रिपब्लिक भारत’ टीवी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अभी कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर संवाद चल रहे हैं और मुझे विश्वास है कि यह मुद्दा हल हो जाएगा.’’ शाह लद्दाख और कुछ अन्य क्षेत्रों में चीन के साथ सीमा विवाद तथा दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़पों के वीडियो और तस्वीरों के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे. Also Read - 30,000 भारतीय सैनिक एलएसी पर चीनी सैनिकों के सामने डटे, SU-30, Mig-29 फाइटर्स भी तैयार

गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को कमजोर नहीं होने देगी और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगी. ‘‘इस संबंध में किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए.” Also Read - Black Death: कोरोना के बाद चीन से निकली यह नई महामारी, यूरोप में मरे थे 5 करोड़ लोग, पढ़िए ये रिपोर्ट

सीमा पर पाकिस्तान की हरकतों के बारे में पूछे जाने पर, शाह ने कहा कि भारत ने कभी भी विस्तारवादी नीति नहीं अपनायी है लेकिन वह अपनी सीमाओं पर किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा. शाह ने कहा, ‘‘अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करता है, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे. यह हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी है.”

कोविड-19 के खिलाफ चल रही लड़ाई का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार इस महामारी के प्रकोप का मुकाबला करने में सफल रही है. उन्होंने कहा, “यह पता नहीं है कि टीके और दवा कब तक आएगी. लोग कब तक अपने घरों में रहेंगे? मैं कह सकता हूं कि भारत और नरेंद्र मोदी की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अब तक सफल रही है.”

शाह ने कहा कि पूरा देश एक साथ और एक दिमाग से लड़ रहा है, इसलिए कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई सफल रही है. उन्होंने कहा, “जहां तक ​​अनलॉक-1 (सोमवार से शुरू) की बात है, राज्य, जिले, पंचायत, आशा कार्यकर्ता तैयार हैं. कोविड से लड़ने के लिए एक सेना तैयार है.”

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और वह खुद इस बात से दुखी थे कि कुछ प्रवासी मजदूरों को पैदल घर जाना पड़ा जबकि उनके परिवहन के लिए व्यवस्था की जा रही थी. उन्होंने कहा, “हो सकता है कि यह गलत संचार या जागरूकता की कमी के कारण हुआ. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि रेलवे द्वारा लगभग 4,000 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनसे यात्रा कर 50 लाख से अधिक लोग अपने-अपने घरों तक पहुंच चुके हैं. इसके अलावा करीब 40 लाख लोगों ने अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए बसों का उपयोग किया.’’

शाह ने कहा,‘‘मैं रेलवे को बधाई देना चाहता हूं कि रूट ड्राइवर नहीं होने के बावजूद वे इतनी सारी श्रमिक ट्रेनें चलाने में कामयाब रहे.’’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, शाह ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई हो या चक्रवात से निपटना, पश्चिम बंगाल में चीजें सही आकार में नहीं थीं. उन्होंने कहा, “एक बात निश्चित है कि आने वाले दिनों में भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी. बंगाल के लोग बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं.”