नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के अस्तित्व में आने के बाद से देश भर में चल रहे बवाल और विरोध हो रहा है. असम सहित देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. वहीं, अब गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने इसमें बदलाव के संकेत दिए हैं. अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि अभी नागरिकता संशोधन कानून आया है. कल मेघालय (Meghalaya) के सीएम मुझे मिले. उनका आग्रह का था कि कुछ परिवर्तन करने पड़ेंगे. मैंने उन्हें कहा कि हम आराम से बैठ कर सकारात्मक रूप से सोच कर मेघालय की समस्या का समाधान निकालेंगे. किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है. अमित शाह ने ये बयान झारखण्ड में चुनाव रैली के दौरान दिया है.

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ये पहला मौका है जब गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून के पारित होने के बाद इस पर बयान दिया है. इस कानून के पारित होने के बाद से ही देश भर में बवाल हो रहा है. लोग सड़कों पर हैं. इसे संविधान और देश के खिलाफ बताया जा रहा है. खासकर असम में इसे लेकर भारी विरोध है. कई दिन से असम के हिस्सों में कर्फ्यू लगा हुआ है. पश्चिम बंगाल में इसे लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच हिंसा भी हुई. दिल्ली स्थित देश के अग्रणी शिक्षा संस्थानों में से एक जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia University) में इसका जमकर विरोध हो रहा है. विश्वविद्यालय को 5 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है.

जबकि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University) में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं. इसके अलावा झांसी, बनारस, सहारनपुर सहित अन्य जगहों पर इसे लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.

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संशोधित नागरिकता कानून के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के सदस्यों को अवैध शरणार्थी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी. जबकि अगर कोई मुस्लिम अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाया तो उनके लिए मुश्किल होगी.

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