नई दिल्लीः गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि साल 2013 से 2016 के बीच चार वर्षो की अवधि में देश में वामपंथी उग्रवादियों द्वारा आत्मसमर्पण की संख्या में 411 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और आंतरिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियां (मूल्यांकन एवं प्रतिक्रिया तंत्र) विषय पर संसदीय समिति को गृह मंत्रालय ने बताया कि देश के 10 राज्यों में 106 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं जिनमें से 7 राज्यों में 35 जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं . Also Read - Lockdown News Update: गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन को लेकर राज्यों को दिया ये निर्देश, यहां जानिए आपके इलाके में लगेगा या नहीं?

गृह मंत्रालय के अनुसार, साल 2013 से 2016 की अवधि में वामपंथी उग्रवादी घटनाओं में कुल 7.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और यह वर्ष 2013 की 1136 घटनाओं की तुलना में घटकर वर्ष 2016 में 1048 रह गईं. इसी प्रकार से वामपंथी उग्रवाद से संबंधित मौतों में भी 30 प्रतिशत की कमी आई है और ये इस अवधि में 379 की तुलना में घटकर 278 रह गई है . Also Read - छत्तीसगढ़: पुलिस मुठभेड़ में 4 माओवादी ढेर, नक्सलियों के पास से बरामद इस हथियार ने उड़ाए होश

समिति को बताया गया कि साल 2017 में 15 फरवरी तक माओवादी हिंसा की 143 घटनाएं घटी है जिसमें 45 मौतें हुई .मंत्रालय ने बताया कि 2013 से 2016 की अवधि में सशस्त्र माओवादी कैडरों के मारे जाने के मामलों में 122 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो साल 2013 के 100 की तुलना में साल 2016 में बढ़कर 222 हो गई. Also Read - Delhi Violence: उमर खालिद पर चलेगा UAPA के तहत केस, गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार की मिली मंजूरी

इसी तरह से मुठभेड़ों के मामलों में भी 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. गृह मंत्रालय ने संसदीय समिति को बताया कि इस अवधि में सुरक्षा बलों के कर्मियों की क्षति के मामलों में भी 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और यह 115 से घटकर 65 रह गई .

मंत्रालय का दावा है कि ये आंकड़े सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे अभियानों और गृह मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए क्षमता निर्माण उपायों की प्रभावशीलता को दर्शातें हैं. इसके साथ ही हिंसा के मार्ग को छोड़ने वाले और मुख्यधारा में लौटने वाले वामपंथी उग्रवादियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है.