नई दिल्ली: सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए रविवार को मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) जारी किया और कहा कि इस सेवा के लिए उन्हें भुगतान करना होगा और गर्भवती महिलाओं के साथ ही उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो परेशानी में हों या जिनकी नौकरी छूट गई हो. Also Read - Coronavirus In India Update: 24 घंटे में 487 लोगों की मौत, हजारों की संख्या में लोग हो रहे संक्रमित, डरावने हैं आंकड़े

ऐसा ही एसओपी सरकार ने उन लोगों के लिए भी जारी किया है जो भारत में फंसे हैं और विदेश यात्रा की इच्छा रखते हैं. Also Read - Coronavirus In India Update: 24 घंटे में 482 लोगों की मौत, 22 हजार से अधिक संक्रमित

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम एसओपी के मुताबिक जो लोग विदेश से भारत आना चाहते हैं उन्हें विदेश मंत्रालय द्वारा बताए गए आवश्यक विवरण के साथ उस देश में भारतीय मिशन में पंजीकरण कराना होगा. Also Read - फिल्‍मों की शूटिंग के लिए SOP लेकर आने वाली है सरकार: केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर

एसओपी में कहा गया कि प्राथमिकता बेहद परेशानी झेल रहे लोगों, प्रवासी कामगारों, मजदूरों जिनकी छंटनी कर दी गई हो, वीजा अवधि के समाप्त होने का सामना कर रहे अल्पकालिक वीजा धारकों, चिकित्सा आपातस्थिति का सामना कर रहे लोगों,गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, जिन्हें परिवार के किसी सदस्य की मौत की वजह से भारत आना हो और छात्रों को दी जाएगी.

इसमें कहा गया कि यात्रा का खर्च यात्री को खुद उठाना होगा. एसओपी में कहा गया कि विदेश से आने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी पृथक-वास के दिशानिर्देश का पालन करना होगा.

(इनपुट भाषा)