नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह विदेशों में फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द देश लाने के लिए सख्त कदम उठाएगा. गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार विदेशों में फंसे भारतीय लोगों की वापसी के लिए प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कदम उठाएगी. मंत्रालय ने बताया कि विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाने के लिए सात मई से प्रक्रिया शुरू होगी. Also Read - Darwin Cricket League T20: ऑस्ट्रेलिया में T20 टूर्नामेंट का सजा मंच, पहले दिन खेले जाएंगे 6 मैच

इसके अलावा मंत्रालय ने ये भी कहा कि विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को विमान, नौसेना के जहाज से वापस लाया जाएगा. ऐसे भारतीय लोग जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं होंगे, केवल उन्हें ही लौटने की मंजूरी होगी. उन्हें भुगतान के आधार अस्पताल या संस्थागत पृथक-वास में रखा जाएगा. Also Read - सीएम योगी ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में स्वास्थ विभाग के लिए उठाया ये खास कदम, आप भी कहेंगे वाह क्या बात है

हालांकि गृह मंत्रालय ने साफ किया कि विदेश में फंसे भारतीय लोगों को वापसी की सुविधा भुगतान के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी. मंत्रालय ने कहा कि भारत आने के बाद सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा. मंत्रालय ने कहा, “विदेश में फंसे भारतीयों को वापस आने में भारत सरकार उनकी सहायता करेगी. बहुत आवश्यक होने पर ही उन्हें स्वदेश आने की अनुमति दी जाएगी और यह चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.” Also Read - पूर्व पाक गेंदबाज ने कहा- खाली स्टेडियम में टी20 विश्व कप का आयोजन सही नहीं

मंत्रालय के अनुसार सरकार ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है और भारतीय दूतावास और उच्चायोग फंसे हुए नागरिकों की सूची बना रहे हैं. मंत्रालय ने कहा, “यात्रियों को यात्रा का खर्च वहन करना होगा. वाणिज्यिक उड़ान द्वारा उन्हें लाया जाएगा.”

मंत्रालय ने कहा कि विमान में सवार होने से पहले यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और केवल उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी जिनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं होंगे. यात्रा के दौरान उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी नियमों का पालन करना होगा.

गृह मंत्रालय ने कहा, “गंतव्य पर पहुंचने के बाद सभी को आरोग्य सेतु एप्प पर पंजीकरण करवाना होगा.” वक्तव्य में कहा गया, “सभी की चिकित्सा जांच की जाएगी. जांच के बाद उन्हें 14 दिन के लिए राज्य सरकार द्वारा पृथक-वास में रखा जाएगा. इस दौरान उन्हें अपना खर्च वहन करना होगा.”

चौदह दिन बाद कोविड-19 की जांच की जाएगी और स्वास्थ्य नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. विदेश मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जल्दी ही वेबसाइट पर जानकारी साझा की जाएगी.