शिलांग. केंद्र ने शिलांग में अर्धसैनिक बलों की छह अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी है. वहां रविवार की रात फिर से हिंसा फैल गई थी और पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे. एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर में लुमडिंगजरी थाना क्षेत्र के कई हिस्सों और कैंटोनमेंट बीट हाउस क्षेत्र में आज चौथे दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा तथा कर्फ्यू लगा रहा.

शहर के पंजाब लाइन क्षेत्र में गुरुवार को एक बस के कर्मचारी की कुछ लोगों ने कथित रुप से पिटाई कर दी थी जिसके बाद दो गुटों में झड़प हुई थी. इस हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए थे. एक व्यक्ति को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस महानिदेशक एस बी सिंह ने बताया कि मेघालय की राजधानी शिलांग के इलाकों में सुरक्षा कड़ी की जाएगी जो झड़पों से प्रभावित हैं.

सिंह ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की चार अतिरिक्त और आईटीबीपी की दो अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की मंजूरी दी है. सीआरपीएफ की एक कंपनी और जिला बल के साथ राज्य के एसएफ 10 कमांडो पहले से ही स्थिति पर नजर रख रहे हैं.’’ जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार की रात पुलिस को पंजाबी लाइन क्षेत्र से महज कुछ मीटर दूर मोटफ्रान के समीप मावखार और मिशन कम्पाउंड इलाके से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था. बदले में प्रदर्शनकारियों ने रॉबर्ट्स अस्पताल के पास एक पुलिस गाड़ी उलट दी और एक अधिकारी पर सरेआम हमला किया था.

मेघालय के गृहमंत्री जेम्स संगमा ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन बंद करना चाहिए क्योंकि सरकार पहले ही उनकी मांगें मान चुकी है जिसमें 31 मई को बस के कर्मचारी पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी भी शामिल है.’’ पूर्वी खासी पहाड़ी के उपायुक्त पी एस दखार ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक होने के बाद ही कर्फ्यू में ढील देने पर फैसला किया जाएगा.