नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए उसकी ओर से जारी दिशानिर्देश नए नहीं हैं. उन्हें समय-समय पर दोहराने की जरूरत होती है. एक बयान जारी कर मंत्रालय ने कहा कि उसने हाल में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर रोड शो के दौरान वीवीआईपी के सुरक्षा इंतजामों से जुड़े दिशानिर्देश या मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को दोहराया था.Also Read - देश के प्रधानमंत्री बनने की चाहत रखने वाले Abhijeet Bichukale की बिग बॉस में धांसू एंट्री, इस बात से खफा हुए सलमान खान

समय-समय पर दोहराने की है जरूरत
बयान के मुताबिक, ‘‘वीवीआईपी की सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों को समय-समय दोहराने की जरूरत होती है. यह दिशानिर्देश या एसओपी नए नहीं हैं. पहले से मौजूद दिशानिर्देश दोहराए गए हैं और मंत्रियों या किसी अन्य गणमान्य व्यक्ति का कोई विशेष संदर्भ नहीं दिया गया है.’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन दिशानिर्देशों या एसओपी के जरिए कोई नई बंदिश नहीं जोड़ी गई है और पहले से तय प्रोटोकॉल ही दोहराए गए हैं.’’ Also Read - Omicron Variant का खतरा: केंद्र सरकार ने की हाई लेवल मीटिंग, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर निर्णय की फि‍र समीक्षा कर सकता है भारत

गृहमंत्री ने की थी सुरक्षा
बीते 11 जून को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा की समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि अन्य एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श कर सभी जरूरी उपाय किए जाएं ताकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की जान को खतरा है और वह अगले लोकसभा चुनावों को देखते हुए निशाने पर हैं. Also Read - PM Narendra Modi returns: पांच दिन के रोम, वैटिकन सिटी और ग्लासगो दौरे से भारत लौटे पीएम मोदी