नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निजी सुरक्षा एजेंसियों से कहा है कि वे कोरोना वायरस महामारी के चलते 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान गार्डों की छंटनी या उनके वेतन में कटौती न करें. Also Read - तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोग पृथक किए गए: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने निजी सुरक्षा उद्योग के केंद्रीय संघों, सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और अन्य को लिखे पत्र में कहा कि भारत कोविड-19 के प्रकोप के चलते एक असाधारण हालात का सामना कर रहा है. Also Read - गृह मंत्रालय ने जारी किया एसओपी, कहा- छोटी दुकानों, खुदरा बिक्री केंद्र की सेवाओं में नहीं आएगी बाधा

इस महामारी और बंद के चलते आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और दुकानें, मॉल और अन्य प्रतिष्ठान बंद होने के कारण निजी सुरक्षा एजेंसियां ​​प्रभावित हो सकती हैं. Also Read - जरूरी सामान की कमी बताने वाली अफवाहों पर रोक लगाएं सभी राज्‍य: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने कहा है, “यह निजी सुरक्षा उद्योग के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का वक्त है” और उन्हें अपने कर्मचारियों को छंटनी से बचाना चाहिए.