नई दिल्ली। 38 दिन से फरार चल रही हनीप्रीत आज आखिरकार लोगों के सामने आ ही गई. जिस हनीप्रीत को हरियाणा पुलिस अब तक नहीं खोज पाई, उसे रिपोर्टरों ने खोज निकाला. हनीप्रीत का चेहरा बता रहा था कि वह किस कदर दबाव में है और जेल जाने का उसे कितना डर सता रहा है. हमेशा खिलखिलाती नजर आने वाले हनीप्रीत के चेहरे का रंग उड़ा हुआ था. वह बेहद डरी सहमी नजर आई. हालांकि हनीप्रीत को अब भी अपने कथित पिता गुरमीत राम रहीम पर पूरा भरोसा है और वह उसका बचाव कर रही है.

न्यूज चैनलों के रिपोर्टरों के साथ बात करते हुए हनीप्रीत ने अपने दिल का दर्द बयां किया. उसने रेप के आरोपी गुरमीत राम रहीम का बचाव किया. हनीप्रीत ने कहा कि गुरमीत राम रहीम ही मेरे पिता हैं. मीडिया ने पिता-बेटी के पवित्र रिश्ते को बदनाम कर दिया. मैं कहां गुनहगार हूं. मैंने तो बेटी का फर्ज अदा किया है. मैं किसी दंगे में शामिल नहीं रही. हम लोग तो खुशी खुशी कोर्ट गए थे कि शाम को वापस आ जाएंगे. लेकिन फैसला ही हमारे खिलाफ आ गया. 

38 दिन से फरार हनीप्रीत आई सामने, कहा- पापा से है 'पवित्र रिश्ता'

38 दिन से फरार हनीप्रीत आई सामने, कहा- पापा से है 'पवित्र रिश्ता'

हनीप्रीत ने कहा कि मेरी स्थिति क्या रही होगी उसे समझने का प्रयास करिए. वह महिला जो अपने पिता (राम रहीम) के साथ राष्ट्र भक्ति फिल्म बनाती है, वह महिला जिसमें उसके पिता ने राष्ट्रभक्ति की भावना जाग्रत की, और पिता जेल चले जाते हैं. इसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती थी. उस महिला पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाता है, इससे मैं पूरी तरह टूट चुकी हूं. जब मैने अपने जीवन में एक चीटी भी नहीं मारी है तब ऐसे गंभीर आरोप सुनकर मुझ पर क्या गुजरी होगी ?

हनीप्रीत ने कहा कि मैं तो यह भी नहीं जानती कि कानूनी प्रक्रियाओं का क्या मतलब है. मेरे लिए जब पापा चले गये (जेल) तब मेरी दुनिया तबाह हो गई. मैं मानसिक रूप से टूट गई हूं. इसके बाद जिस तरह मुझे कहा गया, मैं दिल्ली आई. अब मैं पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट जाऊंगी.

पापा के जाने के बाद मैं तो पूरी तरह बेसहारा हो गई. जैसा लोगों ने मुझे गाइड किया मैं वैसा ही करती चली गई. मैं पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट जाऊंगी, मुझे भरोसा है कि न्याय मिलेगा. राम रहीम के बचाव में हनीप्रीत ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि बाप बेटी के पवित्र रिश्ते को क्यों उछाला जा रहा है. मेरे डर का कारण यही है कि मुझे किस तरह से पेश किया जा रहा है. बाप-बेटी के रिश्ते को तार तार कर दिया गया. क्या एक बाप अपनी बेटी के सिर पर हाथ नहीं रख सकता?