PM Modi On Parliament Monsoon Session: संसद का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) आज से शुरू हो रहा है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पत्रकारों के बात करते हुए कहा कि एक विशिष्ट वातावरण में संसद का मॉनसून सत्र आज शुरू हो रहा है. कोरोना भी है कर्तव्य भी है और सभी सांसदों ने कर्तव्यों का रास्ता चुना है. मैं सभी सांसदों का अभिनंदन करता हूं और धन्यवाद भी करता हूं. बजट सत्र समय से पहले ही रोकना पड़ा था. इस बार भी दिन में दो बार, एक बार राज्यसभा और एक बार लोकसभा, समय भी बदलना पड़ा है. शनिवार और रविवार का अवकाश भी नहीं होगा, लेकिन सभी सदस्यों ने इसका स्वागत किया है और कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. पीएम मोदी ने कहा कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय होंगे और अनेक विषयों पर चर्चा होगी. Also Read - विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हुआ दो कृषि बिल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा में जितनी ज्यादा चर्चा होती है उतना सदन को भी और देश को भी लाभ होता है. इस बार भी इस महान परंपरा में हम सभी सांसद मिलकर अपना योगदान देंगे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से बनी जो परिस्थिति है उसमें जिन सतर्कताओं के विषय में सूचित किया गया है, उसका पालन हम सबको करना ही है. पीएम ने कहा कि यग भी साफ है कि ‘जब तक कोई दवाई नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं.’ हमारे वैज्ञानिक वैक्सीन को लेकर जल्द से जल्द सफल हो और दुनिया में हर किसी को हम इस संकट से निकालने में कामयाब हों.

प्रधामंत्री मोदी ने कहा कि इस सत्र की एक विशेष जिम्मेदारी है कि जब हमारी सेना के वीर जवान सीमा पर डटे हुए हैं. बड़ी हिम्मत के साथ, जज्बे के साथ, बुलंद हौसलों के साथ दुर्गम पहाड़ियों में डटे हुए हैं. कुछ समय बाद बर्फवर्षा भी शुरी होगी. जिस विश्वास के साथ वह डटे हुए हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए वह डटे हुए हैं. सदन से सभी सदस्य एक स्वर से, एक भाव से, एक भावना से, एक संकल्प से एक संदेश देंगे कि सेना के जवानों के पीछे पूरा देश खड़ा है. संसद और संसद सदस्यों के माध्यम से खड़ा है. पूरा सदन एक स्वर से देश के वीर जवानों के पीछे खड़ा है. ऐसा मेरा पूरा विश्वास है.

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों से भी अपील की कि वह कोरोना के इस दौर में अपना ख्याल रखें. पीएम ने कहा कि मैं आपसे भी आग्रह करूंगा कि कोरोना के इस काल में आपको पहले की तरह मुक्ति से जाने का मौका नहीं मिलेगा लेकिन अपने को जरूर संभालना दोस्तों. खबरें तो मिल जाएगी लेकिन खुद को जरूर संभालना.

बता दें कि 18 दिन तक चलने वाले संसद सत्र (Parliament Session) के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इस सत्र में कई चीजें पहली बार हो रही हैं जिनमें दोनों सदनों की बैठक सुबह-शाम की पालियों में होना और सत्र में एक भी अवकाश नहीं होना शामिल हैं. संसद परिसर में केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास कोविड-19 संक्रमण (COVID-19) नहीं होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट होगी और लोगों का इस दौरान मास्क पहनना जरूरी होगा.

ज्यादातर कामकाज डिजिटल तरीके से होगा
सत्र के प्रारंभ से पहले सांसदों और संसद कर्मचारियों समेत 4,000 से अधिक लोगों की कोविड-19 के लिए जांच कराई गई है. इस बार ज्यादातर संसदीय कामकाज डिजिटल तरीके से होगा और पूरे परिसर को संक्रमणुक्त बनाने के साथ ही दरवाजों को स्पर्शमुक्त बनाया जाएगा. इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों के तहत सांसदों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की गई है.

विपक्ष के तेवर गरम
बता दें कि विपक्ष ने संसद सत्र को लेकर अपने तेवर पहले ही दिखा दिये हैं और वह सरकार को भारत-चीन सीमा विवाद, जीडीपी के आंकड़े, कोरोना महामारी समेत कई मुद्दों पर घेरने को तैयार है.

23 विधेयकों पर सरकार की नजर
सरकार की नजर 23 विधेयकों पर चर्चा और इसे पारित कराने पर है. इसमें 11 ऐसे विधेयक भी हैं जो अध्यादेशों का स्थान लेंगे. इनमें से चार विधेयकों का विपक्षी दल विरोध कर सकते हैं. ये चारों विधेयक कृषि क्षेत्र और बैंकिंग नियमन से जुड़े अध्यादेश का स्थान लेंगे. विपक्षी दलों ने महामारी से निपटने, अर्थव्यवस्था की स्थिति और लद्दाख में सीमा पर चीनी आक्रामकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला किया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की पहली बैठक में इन मांगों को उठाया लेकिन इन चर्चाओं के लिए अब तक समय नहीं दिया गया है.