नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 2012 निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले के दोषी पवन कुमान गुप्ता की दया याचिका ठुकराने के बाद पीड़िता निर्भया के पिता ने दोषियों को इस महीने फांसी दिए जाने की उम्मीद जताई है. निर्भया के पिता ने फोन पर बातचीत में कहा, ‘‘ उसके (पवन गुप्ता) पास बस एक विकल्प बचा है… दया याचिका ठुकराए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करना, बाकी सब ये इस प्रक्रिया से गुजर चुक हैं. देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन हमें यकीन है कि न्याय होगा .’’ Also Read - राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि दोषियों को इस महीने फांसी हो जाएगी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार न्याय होगा.’’ गौरतलब है कि 16 दिसम्बर 2012 को दक्षिणी दिल्ली में एक चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा से सामूहिक बलात्कार किया गया था. निर्भया की सिंगापुर के अस्पताल माउंट एलिजाबेथ में इलाज के दौरान 29 दिसम्बर को मौत हो गई थी. Also Read - अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम के घर पहुंची स्पेशल सेल की टीम, देशद्रोह का दर्ज है मामला

राष्ट्रपति मामले के अन्य तीन दोषियों की दया याचिका पहले ही खारिज की चुके हैं. वहीं एक दोषी राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी और एक नाबालिग को सजा पूरी करने के बाद सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था. Also Read - कोरोना के खिलाफ जंग में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी का मिला साथ, गरीबों के लिए हाथ से बना रहीं मास्क