नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ने के लिए भारत की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र किया. उन्होंने दुनिया को बताया कि किस तरह से उत्सर्जन कम करने से लेकर अक्षय ऊर्जा पर जोर देकर जलवाय परिवर्तन की चुनौती से भारत में लड़ाई चल रही है. Also Read - भारत में 24 घंटे में Covid-19 के 12,689 नए केस सामने आए, मृतकों का कुल आंकड़ा 1 लाख 53 हजार 724

ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते की पांचवीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से आयोजित वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत न केवल पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहा है, बल्कि इससे भी आगे जाकर नए कदम उठा रहा है. भारत न केवल अपने टारगेट पूरा करेगा, बल्कि आपकी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं पर भी खरा उतरेगा.” Also Read - US: खलिस्‍तान समर्थकों ने कृषि कानूनों के खिलाफ वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास के बाहर किया प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को कम करने, अक्षय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में लगातार वृद्धि करने जैसे कदमों का विशेष तौर पर उल्लेख किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वर्ष 2047 को भारत आधुनिक स्वतंत्र देश के सौ साल के रूप में मनाएगा. वर्ष 2047 का भारत न केवल अपने लक्ष्य पूरा करेगा बल्कि आप सबकी अपेक्षाओं को भी पूरा करेगा.” Also Read - शहीद कर्नल के पिता ने कहा, संतोष बाबू को महावीर चक्र से सम्मानित करने पर 100 प्रतिशत संतुष्ट नहीं हूं

(इनपुट आईएएनएस)