situation in Kashmir जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कहा कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद कश्मीर घाटी में हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोगों ने अधिकारियों के साथ सहयोग किया है.Also Read - UNGC में भारत ने पाक के कश्‍मीर राग अलापने और गिलानी को शहीद को बताने पर किया पलटवार

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख ने यह भी कहा कि ‘‘जल्द ही’’ एक समीक्षा बैठक में संचार सेवाओं पर प्रतिबंधों में ढील देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘हालात बिल्कुल नियंत्रण में है, पिछले दो दिनों में एक भी अवांछित घटना नहीं हुई है. लोगों ने सहयोग किया और सुरक्षा बल काफी संयम से काम कर रहे हैं. मैं हर जगह शांति बनाए रखने के लिए लोगों को बधाई देता हूं.’’ Also Read - J&K Encounter: शोपियां में आम नागरिक पर गोली चलाने के बाद रातभर चली मुठभेड़ में एक आतंकवादी ढेर

मोबाइल टेलीफोन और इंटरनेट पर प्रतिबंधों में ढील के बारे में एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा, ‘‘हम जल्द ही (स्थिति की) समीक्षा करेंगे और मुझे लगता है कि हम इसे जल्द ही बहाल कर देंगे.’’ Also Read - आतंकी संबंधों के कारण जम्मू-कश्मीर के 6 सरकारी कर्मचारियों को किया जाएगा बर्खास्त

लंबी बीमारी के बाद बुधवार रात श्रीनगर में अपने घर पर 91 वर्षीय गिलानी का निधन हो गया था जिसके बाद अधिकारियों ने लोगों की आवाजाही और एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया. जम्मू-कश्मीर में तीन दशकों से अधिक समय तक अलगाववादी राजनीति का नेतृत्व करने वाले गिलानी को उनके आवास के पास एक मस्जिद में दफनाया गया.

यह पूछे जाने पर कि क्या अफगानिस्तान की स्थिति का कश्मीर में असर होगा, डीजीपी सिंह ने कहा, ‘‘चिंता की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक है.’’ घाटी के कुछ युवाओं के तालिबान में शामिल होने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह गलत और फर्जी खबर है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर इस तरह की फर्जी खबरें पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थक एजेंटों द्वारा एक दुष्प्रचार है. सब कुछ ठीक है. युवा क्रिकेट, वॉलीबॉल, रग्बी खेल रहे हैं. क्या आप उन तस्वीरों को नहीं देखते हैं? यहां का हर बच्चा अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है और कोई भी उस रास्ते पर नहीं जा रहा है.’’

(इनपुट भाषा)