नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज झारखंड से महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन का शुभारंभ करेंगे. योजना का लक्ष्य प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये की हेल्थ कवरेज प्रदान करना है. इससे 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा. सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर इस योजना का लाभ मिलेगा. इसके लिए 30 अप्रैल, 2018 को एक मुहिम चलाई गई थी जिसमें उन लोगों का मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर इकट्ठा किया गया था, जो सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के डेटाबेस के आधार पर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर जाकर या हेल्पलाइन (14555) पर कॉल करके आप यह पता लगा सकते हैं कि योजना का लाभ आपको मिल सकता है या नहीं.

ऐसे करें चेक
mera.pmjay.gov.in पर क्लिक करें. अपना फोन नंबर एंटर करें. इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा डालें. Generate OTP बटन पर क्लिक करें. आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा. इस नंबर को डालने के बाद एंटर का बटन दबाएं. एक पेज खुलेगा. आप योजना के हकदार हैं कि नहीं अपने फोन नंबर या उपलब्ध अन्य जानकारी डालकर सर्च कर सकते हैं.

सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना डेटाबेस के आधार पर लोगों का मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर इकट्ठा करने के लिए देश भर में ग्राम सभा स्तर पर 30 अप्रैल, 2018 को एक अडिशनल डेटा कलेक्शन ड्राइव (एडीसीडी) चलाई गई थी. जिनलोगों का मोबाइल नंबर या राशन कार्ड नंबर इस मुहिम के दौरान रेकॉर्ड में जमा किया गया था, सिर्फ उनका नाम ही पोर्टल पर दिखेगा. अगर एडीसीडी मुहिम के दौरान डीटेल्स जमा की गई थी फिर भी रिजल्ट नहीं दिखा रहा है तो ‘एसईसीसी नाम’ का ऑप्शन इस्तेमाल करके अपना नाम सर्च कर सकते हैं.

पीएमजेएवाई में अपनी योग्यता सोशल इकनॉमिक कास्ट सेंसस (एसईसीसी) डेटाबेस की डीटेल्स जैसे नाम, पिता का नाम, लिंग, राज्य आदि का इस्तेमाल करके पता लगा सकते हैं. इसके बाद भी अगर आपका नाम नहीं दिखा रहा है तो फिर नजदीकी आयुष्मान मित्र से संपर्क करें.अगर सर्च करने पर रिजल्ट में आपका नाम आ जाता है तो Get SMS बटन पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर डालें. उस पर एचएचआईडी नंबर/आरएसबीवआई यूआरएन नंबर के साथ एक मेसेज आ जाएगा जिसका भविष्य में आप इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों की पेशेवर श्रेणियां आयेगी. नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों में ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों में 2.33 परिवार हैं. योजना का लाभ करीब 50 लाख लोगों को मिलेगा.एसईसीसी के डाटाबेस में तंगी के आधार पर पात्रता तय की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में तंगी की श्रेणियों (डी1,डी2,डी3,डी4,डी5, डी6 और डी7) के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की गयी है. शहरी क्षेत्रों में 11 पेशवेर मापदंड पात्रता तय करेंगे.