ह्यूस्टन: अमेरिका में रह रहे भारतीय अमेरिकी समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रविवार को ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम को संबोधित करने को लेकर बेहद उत्साहित है. समुदाय का मानना है कि यह कार्यक्रम दर्शाता है कि कश्मीर को लेकर भारत की नीति का अमेरिका समर्थन करता है. भारतीय अमेरिकी समुदाय के लिए इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए ह्यूस्टन में भारतीय अमेरिकी डॉक्टरों के संगठन के पूर्व अध्यक्ष राकेश मंगल ने कहा कि ट्रंप का ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेना यह दिखाता है कि भारत पूरी दुनिया खास तौर पर अमेरिका के लिए कितना महत्वपूर्ण है.

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रिपब्लिकन हिंदू कॉलिशन के शलभ कुमार ने कहा कि ह्यूस्टन में अमेरिकी राष्ट्रपति का मोदी के साथ मंच साझा करना ‘स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि पाकिस्तान को लेकर अमेरिका का रुख क्या है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यहां एनआरजी स्टेडियम के सामने कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने की योजना थी, उनका दावा है कि इसे काफी हद तक रद्द कर दिया गया है.

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उन्होंने कहा, ‘‘ यह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के मुंह पर तमाचा है.’’ न्यू मेक्सिको से इस कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन आए सतपाल सिंह खालसा ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी सिख समुदाय के लिए जो काम कर रहे हैं, उसके लिए हम यहां उनके स्वागत के लिए हैं. वह प्रधानमंत्री के रूप में बेहतरीन काम कर रहे हैं. उन्होंने पिछले 70 साल में किसी भी प्रधानमंत्री के मुकाबले अच्छा काम किया है.’’

सिंह उस सिख प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जो मोदी से राष्ट्रपति ट्रंप के साथ ‘गलत पहचान: मिस्टेकेन आइडेंटिटी’ के मुद्दे पर काम करने की अपील करेंगे. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सिख और अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदाय भारत में सुरक्षित है. सिंह ने कहा कि उन्हें यह समझ में नहीं आता कि अमेरिका और कनाडा में रह रहा सिख समुदाय का एक छोटा सा हिस्सा सिखों के लिए अलग देश की मांग क्यों करता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक सिख समुदाय एक मजबूत पंजाब चाहता है.

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इसी बीच कई मानवाधिकार संगठन और अलगाववादी समूह भी मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए ह्यूस्टन में जमा हो गए गए हैँ. अलगाववादी सिख और कश्मीरी संगठन जिनकी पाकिस्तान से नजदीकियां हैं, वह बड़ी संख्या में ह्यूस्टन पहुंच चुके हैं. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकांउटिबिलिटी ने कहा, ‘‘ हम एक हैं और हमारा एजेंडा एक है: हमें लोकतंत्र विरोधी, जनता विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी मोदी सरकार और भाजपा के एजेंडा का पर्दाफाश करना है.’’ वहीं एचएफएचआर की सह संस्थापक सुनीता विश्वनाथ ने कहा कि उनका संगठन यहां इसलिए प्रदर्शन कर रहा है क्योंकि हिंदू हिंदुत्व के नाम पर मानवाधिकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं कर सकता.