नई दिल्‍ली. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कोरोना संकट के बीच निजी स्‍कूलों से फीस को लेकर एक अपील की है. इसमें उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सालाना फीस वृद्धि न करने और तीन महीने में फीस लेने के फैसले पर विचार करें. उन्‍होंने यह अपील अपने टि्वटर हैंडल से जारी की है. Also Read - कोरोना महामारी के बीच चुनाव आयोग ने ‘अपने भरोसे के दम’ पर बिहार चुनाव कराया : अरोड़ा

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि इस वैश्विक आपदा के समय मेरा सभी स्कूलों से निवेदन है कि सालाना स्कूल फीस वृद्धि और तीन महीने की फीस एक साथ ना लेने पर सहानुभूति पूर्वक विचार करें. उन्‍होंने कहा, ”मुझे उम्मीद है कि राज्यों के शिक्षा विभाग स्कूलों और अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फीस मुद्दे का हल निकालेंगे.” Also Read - कमाल: कोविड-19 संक्रमित महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, कई वर्षों से थी नि:संतान

केंद्रीय मंत्री ने कहा, देश भर से कई अभिभावकों द्वारा मेरे संज्ञान में यह बात लाई गई है कि इस संकट के समय में भी कई स्कूल अपनी सालाना फीस में वृद्धि और तीन महीने की वर्तमान फीस एक साथ ले रहें हैं. निशंक ने कहा कि इस वैश्विक आपदा के समय मेरा सभी स्कूलों से निवेदन है की सालाना स्कूल फीस वृद्धि और तीन महीने की फीस एक साथ ना लेने पर सहानुभूति पूर्वक विचार करें.

मंत्री निशंक ने कहा, हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी इस महामारी के समय मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, इस परिप्रेक्ष्य में आशा है कि सभी स्कूल अपने टीचर्स और पूरे स्टाफ को समय पर सैलरी उपलब्ध कराने की चिंता कर रहे होंगे.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं राज्यों के शिक्षा विभागों से यह आशा करता हूं कि वे संतोषजनक तरीके से अभिभावकों और स्कूलों के हितों के संरक्षण की दिशा में बेहतर सामंजस्य स्थापित कर रहे होंगे. उन्‍होंने कहा, मुझे खुशी है कुछ राज्यों ने इस पर सकारात्मक कदम उठाए हैं, मैं उनकी इस पहल की सराहना करता हूं एवं आशा करता हूं कि सभी राज्य उपरोक्त अनुरोध पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे.