नई दिल्ली. पिछले 16 दिसंबर को उत्तराखंड के ऋषिकेश में शोहदे द्वारा जलाई गई 18 साल की पीड़िता की मौत हो गई. रविवार की सुबह 10 बजे दिल्ली के सफदरगंज के बर्न वार्ड में उसने अंतिम सांस ली. उसके निधन की सूचना मिलने पर वहां मौजूद उसकी मां को दिल का दौरा पड़ गया और वह भी उसी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं.

डॉक्टरों के मुताबिक, पीड़िता 77 फीसदी तक जल गई थी. उसे बहुत गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था. आग से सबसे ज्यादा उसका चेहरा और लंग्स जला था. डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. सोमवार की सुबह 10 बजे उसका निधन हो गया.

कॉलेज से घर जा रही थी पीड़िता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता के निधन के बाद उसकी मां को हर्ट अटैक आया है. इसके बाद उन्हें उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि इस मामले का आरोपी 31 साल का टैक्सी ड्राइवर है. उसने पीड़िता के ऊपर तब हमला किया था, जब वह ऋषिकेश में 16 दिसंबर को कॉलेज से घर जा रही थी. पीड़िता को ऋषिकेश के एम्स में पिछले सोमवार को भर्ती कराया गया था. वह 70 फीसदी जली हुई थी. उसकी लगातार खराब होती हालत को देखते हुए पिछले बुधवार को उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में एयर एंबुलेंस से लाया गया था.

पेट्रोल छिड़ककर जलाया था
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पीड़िता के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया था. उसके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे उसे अस्पताल लेकर गए. इस घटना के बाद महिला विश्वविद्यालय की छात्राएं आक्रोशित हो गई थीं और उन्होंने आरोपी को मौत की सजा दिए जाने की मांग की थी. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.