चंडीगढ़। जूनियर इंजीनियरों के पद पर भर्ती के लिए आयोजित कराई गई एक परीक्षा में अपशकुन के बारे में एक सवाल पूछे जाने पर पैदा हुए विवाद को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के अध्यक्ष बी बी भारती को निलंबित कर दिया गया है. परीक्षा में यह पूछा गया था कि अपशकुन क्या नहीं है? इसके लिए विकल्प में ‘काला ब्राह्मण’, और ‘ब्राह्मण कन्या’ भी दिया गया था. Also Read - HSSC Clerk Result 2019: एचएसएससी ने जारी किया क्लर्क भर्ती परीक्षा 2019 का रिजल्ट, ये रहा चेक करने का Direct Link

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प्रकाशक के खिलाफ होगी एफआईआर  Also Read - HSSC Clerk Result 2019: क्लर्क परीक्षा का परिणाम घोषित, इस तरह से देखें रिजल्ट और मेरिट लिस्ट

शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने प्रश्नपत्र तैयार करने का अनुबंध लेने वाली दिल्ली आधारित एक कंपनी , प्रश्नपत्र बनाने वाले और प्रकाशक के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच आयोग का गठन करने का भी फैसला किया है.

हरियाणा: HSSC परीक्षा में पूछा गया ‘काला ब्राह्मण’ से जुड़ा सवाल, मचा बवाल

शर्मा ने कहा कि भारती जांच पूरी होने तक निलंबित रहेंगे. उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने दिन में यहां मुख्यमंत्री से मुलाकात की और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मुख्यमंत्री ने समुदाय को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया. शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से ब्राह्मण समुदाय की तरह उनकी भी भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने बताया कि हालांकि कंपनी ने माफी मांग ली है लेकिन सरकार ने उसे और प्रकाशक को काली सूची में डाल दिया है.

कंपनी के नाम का खुलासा नहीं

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गोपनीयता के आधार पर कंपनी और प्रश्नपत्र बनाने वाले के नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता. मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे युवकों ने घोषणा के बाद अपना धरना खत्म कर दिया है. वहीं इस मुद्दे को लेकर ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया.

बता दें कि इस सवाल को लेकर खासा हंगामा मचा था और राज्यों में कई जगहों पर ब्राह्मण समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया था. तब सरकार इस पर जांच की बात कही थी. आज एचएसएससी के अध्यक्ष को सस्पेंड करन का फैसला लिया गया.