लखनऊ: वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति में अब दो ही दिन शेष है. लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिलाधिकारी कार्यालय में समस्त अपर जिलाधिकारी व समस्त प्रभारी अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की. बैठक में लंबित प्रकरणों के संबंध में समीक्षा की गई और उन्हें 31 मार्च के अंदर ही निपटाने के निर्देश जारी किए गए.Also Read - 7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए नया भुगतान नियम, जानें- क्या है खास?

400 चरित्र प्रमाणपत्र लंबित Also Read - Old Age Pension Scheme: यूपी में 55 लाख लोगों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे 15,00 रुपये, जानें किसे मिलेगी इसका लाभ

समीक्षा के दौरान 400 लंबित चरित्र प्रमाण पत्रों के पुलिस सत्यापन का काम 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए और सत्यापन ना हो पाने की स्थिति में निरस्त किए जाने के निर्देश भी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए. विभिन्न पटलों द्वारा सरकारी विभागों को भेजी जाने वाली लंबित डाक के प्रकरणों को स्कैन कर वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए. Also Read - EMI-Salary-Pension से जुड़े नियमों में 1 अगस्त से हो रहा है बड़ा बदलाव, आप पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए क्या

31 मार्च तक पेंडिंग बिलों का भुगतान

जिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन से लंबित मामलों को भी 31 मार्च से पहले निपटाने के निर्देश दिए गए. नजारत के पेंडिंग बिलों को तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और यह भी कहा कि इसके बाद किसी भी लंबित बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा. उनके द्वारा कहा गया कि जिन बिलों का भुगतान हो सकता है उनका भुगतान तुरंत कर दिया जाए और अवशेष बिलों को निरस्त कर दिया जाए. ऑडिट की लंबित 17 आपत्तियों को भी 31मार्च के पहले निपटाने के लिए कहा गया और साथ ही शस्त्र की 19 लंबित फाइलों को भी तत्काल प्रभाव से निपटाने के लिए कहा गया. मोहनलालगंज में 10 से 15 वर्षो से लंबित कई मजिस्ट्रेटी जांच के मामलों को तत्काल जांच कराकर निक्षेप करने के निर्देश दिए.

समीक्षा के दौरान सैकड़ो आपत्तियां लंबित मिलीं

समीक्षा के दौरान पाया गया कि सीआरए में 175 ऑडिट आपत्तियां ,संयुक्त कार्यालय की 124, सीलिंग की 10, खनन की 29 , वक़्फ़ की 26 आपत्तियां लंबित है. रिकॉर्ड रूम में 499 नकल के आवेदन लंबित पाए गए इनको अवकाश के दिन भी कार्य करके समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए. साथ ही जो विभागीय कर्यवाहियां 2015 से लंबित हैं उनको भी 31 मार्च तक ही पूरा करने के निर्देश दिए गए. यह भी कहा गया कि सभी विभागों का कड़ाई से और पारदर्शी मूल्यांकन किया जाएगा ,इसलिए सभी विभागों को अपने समस्त लंबित कार्यों को 31 मार्च तक पूरा कर लेना होगा.

पेंशन का भुगतान 10 अप्रैल तक संभव

इसके साथ ही मुख्य कोषाधिकारी संजय सिंह के द्वारा बताया गया कि मार्च पेड इन अप्रैल की पेंशन मार्च क्लोजिंग के कारण अप्रैल के दूसरे सप्ताह में 10 अप्रैल तक ही भेजी जा सकेगी.