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हैदराबाद, 6 अप्रैल | तेलंगाना के नलगोंडा जिले में छुपे एक अन्य संदिग्ध आतंकवादी के लिए पुलिस का संयुक्त तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी है। शनिवार को यहां एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी के दो गुर्गे मारे गए थे। नलगोंडा जिले और पास के वारंगल जिले के विभिन्न स्थानों पर बड़े स्तर पर चलाए जा रहे इन अभियानों में पुलिस के छह दल और विशिष्ट नक्सल विरोधी बल ‘ग्रेहाउंड्स’ के जवान शामिल हैं। Also Read - Omicron Threat: इन राज्‍यों में कोरोना वायरस के नए वारियंट ओमीक्रोन के मद्देनजर हाई अलर्ट

सशस्त्र पुलिसकर्मियों को सड़कों पर वाहनों की जांच करते और विभिन्न स्थानों पर लोगों की तलाशी लेते देखा जा सकता है। विशेष रूप से अरवापल्ली के आसपास के क्षेत्रों में, जहां सूर्यापेट शहर में एक-दो अप्रैल की रात दो पुलिसकर्मियों को मारने के बाद दोनों हमलावरों के छुपने की संभावना है। हालांकि, जानकीपुरम में चार अप्रैल की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में ये हमलावर मारे गए थे। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया था, जबकि दो अन्य पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे। Also Read - UP: गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी के नाम से 3 करोड़ रुपए संपत्ति होगी जब्‍त

पुलिस को संदेह है कि इस क्षेत्र में एक तीसरा संदिग्ध अभी भी छुपा हुआ है। यह संदेह तब और मजबूत हो गया, जब स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के दो गुर्गो में से एक के शव से दिल्ली-हैदराबाद एपी एक्सप्रेस रेलगाड़ी का टिकट बरामद हुआ था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह तीसरा संदिग्ध सूर्यापेट में हुई मुठभेड़ के एक दिन बाद दोनों हमलावरों के साथ मिला था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मुठभेड़ में यह संदिग्ध मारा गया था या अभी वह फरार है।

सूर्यापेट में इन दोनों संदिग्धों के पास एक लैपटॉप और अन्य सामान भी देखा गया था। शनिवार को मृतकों के शवों से सिर्फ दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन आतंकवादियों ने ये सामान तीसरे संदिग्ध को सौंप दिया है। खुफिया ब्यूरो और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी भी इस जांच में शामिल हो गए हैं।

हालांकि तेलंगाना सरकार ने शुरुआत में इस बात से इंकार किया कि हमलावरों का आतंकवादियों के साथ कोई संबंध है। लेकिन पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है वास्तव में वे सिमी के गुर्गे थे।