श्रीनगर। शनिवार को हुर्रियत प्रमुख सय्यद अली शाह गिलानी ने नईम खान के नेतृत्व वाले नेशनल फ्रंट को अलगाववादी समूह से अस्थायी रूप से बाहर कर दिया. नईम खान को एक स्टिंग ऑपरेशन में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और एजेंसियों से पैसा लेने की बात कबूलने के बाद यह कार्रवाई की गई. हालाकि नईम खान ने दावा किया कि यह स्टिंग ऑपरेशन फर्जी है. इससे छेडछाड़ की गई है. गौरतलब है कि एक टीवी चैनल में अलगाववादी नेता नईम खान और फारूक डार उर्फ ब्टिटा कराटे का स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है.

इसी हफ्ते सामने आए इस स्टिंग ऑपरेशन में नईम ने तथाकथित खुलासा किया था कि गिलानी समेत अन्य अलगाववादियों ने कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मकसद से लश्कर से पैसे लिए. यह खुलासा होते ही केंद्र सरकार ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को विदेशों से मिल रही फंडिंग की एनआईए से जांच कराने का ऐलान कर दिया. इसके बाद आनन-फानन में गिलानी ने नईम को सस्पेंड करने का फैसला किया.

अलगाववादी समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि गिलानी ने नेशनल फ्रंट को हुर्रियत कांफ्रेंस की प्राथमिक सदस्यता से तब तक के लिए निलंबित कर दिया जब तक कि सभी संबंधित मुद्दों पर स्पष्टीकरण नहीं आ जाता है. हालांकि नईम खान ने क्लिप की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं लेकिन उनकी सदस्यता निलंबित रहेगी और निलंबन श्रीनगर और हुर्रियत के पीओके चैप्टर में तत्काल प्रभाव से लागू होगा. यह मेरा नैतिक कर्तव्य है और फोरम के प्रमुख के तौर पर मुझे अपना काम पूरा करना है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासीन मलिक ने भी इस मामले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि एजेंसियां यह साबित करने की कोशिश में जुटी हैं कि हम पाकिस्तान से फंडिंग लेते हैं. पहले भी ऐसे प्रयास हुए हैं लेकिन मुझे राजनीतिक तौर पर भ्रष्ट साबित करने में नाकामयाबी ही हाथ लगी है.