हैदराबाद: यह एक ऐसी प्रेम कहानी है जिसका समापन ट्रेजडी में हो सकता था लेकिन इसका खुशगवार अंत हुआ. तेलंगाना के विकाराबाद जिले में एक मुस्लिम लड़का और लड़की ने अभिभावक के इनकार के बाद खुदकुशी करने की कोशिश की और दोनों काजी के बजाए अस्पताल पहुंच गए.

बहरहाल, यहां उनकी प्रमकथा में एक नया मोड़ आया और शुरुआती ना-नुकुर के बाद उनके अभिभावक राजी हो गए. फिर क्या था अस्पताल में ही दोनों शादी के बंधन में बंध गये. पुलिस ने शनिवार को बताया कि 21 वर्षीय नवाज और रेशमा (18) आपस में शादी करना चाहते थे. इसमें उनके अभिभावक आड़े आ गए जो इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थे.

जिस ‘मरीज’ से डॉक्टर ने की लव मैरिज, उसे दूसरे से हुआ प्यार तो लिया खौफनाक बदला, फिर भी यूं रखा ‘जिंदा’

पुलिस सूत्रों के अनुसार इससे परेशान रेशमा ने आठ जनवरी को कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. यह खबर सुनकर नवाज ने भी कथित रुप से कीटनाशक खा लिया. दोनों को बाद में एक अन्य अस्पताल में ले जाया गया. खुदकुशी की उनकी कोशिश से उनके अभिभावकों को अहसास हुआ कि वे दोनों एक-दूजे के बिना नहीं रह सकते हैं. तुम लोग अपनी जिंदगी जी लो. इसके बाद परिजनों ने 10 जनवरी को काजी की मौजूदगी में दोनों को शादी करवा दी. दोनों अब खतरे से बाहर हैं.