हैदराबाद: 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए चारों आरोपी, देशभर में न्याय के लिए हो रहे प्रदर्शन

एक स्थानीय बार एसोसिएशन ने इस मामले के आरोपियों को कोई कानूनी सहायता नहीं देने का संकल्प लिया है.

Updated: December 1, 2019, 12:26 AM IST

हैदराबाद: हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक पशु चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या को लेकर गुस्साई भीड़ ने शनिवार को यहां थाने का घेराव किया. इसी शादनगर पुलिस थाने में आरोपियों को रखा गया था. भीड़ के उग्र रूप को देखते हुए थाने में ही कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर चारों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वहीं, एक स्थानीय बार एसोसिएशन ने इस मामले के आरोपियों को कोई कानूनी सहायता नहीं देने का संकल्प लिया है. थाने के घेराव के दौरान भीड़ ने प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ नारेबाजी की. भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने आरोपियों को उन्हें सौंपने की मांग की. यही नहीं जब आरोपियों को हैदराबाद स्थित एक जेल ले जाया जा रहा था तभी एक पुलिस वाहन पर पथराव किया गया.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिये हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन सुबह में शुरू हुआ और शाम तक चला. कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की. विभिन्न छात्र समूहों ने भी प्रदर्शन किये. तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और कई अन्य नेताओं ने मृतका के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. दोनों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार शीघ्र जांच और त्वरित मुकदमे के जरिये दोषियों को कठोर सजा दिलाएगी.

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्याममला कुंदर घटना की जांच के लिये यहां आई हैं. उन्होंने जांच के बाद उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की, जो मृतका के परिवार की शिकायत पर समय पर कथित तौर पर हरकत में नहीं आये थे. उन्होंने उस पुलिसकर्मी की गलती पाई, जिसने मृतका की बहन से कहा था कि मामला उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता है. मृतका की बहन ने शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क किया था. आयोग से मृतका के परिवार के सदस्यों ने कहा कि हैदराबाद पुलिस ने बेशकीमती वक्त बर्बाद किया, जिसका उपयोग चिकित्सक की जान बचाने में किया जा सकता था.

इस बीच, आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने नयी दिल्ली में कहा कि आयोग की एक टीम मृतका के परिवार के पास गई, जिसने टीम को बताया कि पुलिस ने मामले में नकारात्मक भूमिका निभाई . परिवार के सदस्यों ने यह भी कहा कि यहां तक कि पुलिस ने आरोप लगाया कि वह (पशु चिकित्सक) किसी के साथ भाग गई है. शर्मा ने पशु चिकित्सक पर राज्य के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली की टिप्पणी की भी निंदा की और कहा कि इस तरह के नेता ऐसे पद के हकदार नहीं हैं. अली ने यह कह कर विवाद छेड़ दिया था कि उसने (मृतका) फौरन पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया.

सरकारी अस्पताल में काम करने वाली पशु चिकित्सक से बृहस्पतिवार रात शहर के बाहरी इलाके में चार लोगों ने बलात्कार किया था और उसकी हत्या कर दी थी. बाद में 25 वर्षीय इस महिला का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था. चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.

इस बीच भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्यों ने भी देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में शनिवार को मार्च निकाला. युवा कांग्रेस के सदस्यों ने लुटियंस दिल्ली में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक मार्च निकाला. युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अमरीश रंजन पांडे ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

वहीं हैदराबाद बलात्कार कांड का विरोध करने वाली एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने शनिवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. आयोग ने कहा कि अनु दुबे नामक प्रदर्शनकारी ने संसद मार्ग थाने के पुलिस कर्मियों पर ‘‘दुर्व्यवहार, परेशान करने तथा हिंसा’’ का आरोप लगाया. पीड़िता ने इस संबंध में संसद मार्ग थाने में एक शिकायत दर्ज करायी है.

(इनपुट ऐजेंसी)

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