हैदराबाद: कोरोना महामारी के मामले इन दिनों तेलंगाना में भी काफी ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. इस बीच राज्य में राजनीति भी तेज हो गई है. यहां गृहमंत्री (राज्य) जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना की केसाआर (K. Chandrashekar Rao) सरकार पर महामारी के दौरान हैदराबाद छोड़कर चले जाने का आरोप लगाया. जी किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से तेलंगाना सरकार को कोरोना की रोकथान के लिए भरपूर मदद की गई. लेकिन केसीआर सरकार कोरोना का रोकथाम नहीं कर पाई. बल्कि सरकार के लोग राजधानी शहर हैदराबाद छोड़कर चले गए. इसके बाद से ही ट्विटर को लगातार #whereisKCR यानी केसीआर कहां है ट्रेंड करने लगा है.Also Read - Coronavirus: केंद्र ने राज्यों को किया आगाह- त्योहारी सीजन में भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए लगा सकते हैं पाबंदी

उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते की हैदराबाद शहर में कब कोरोना का धमाका होगा. केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस से निपटने के लिए टीमें भेजी गई हैं जो राज्य प्रशासन को इस बाबत जानकारियां देंगी. लेकिन राज्य सरकार द्वारा उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है. इस बाबत एक दिन में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आने के बाद TRS द्वारा केंद्र सरकार पर आरोप लगाया जाने लगा. Also Read - Coronavirus cases In India: कोरोना संक्रमण के फिर बढ़े मामले, 24 घंटे में 42 हजार से अधिक लोग हुए संक्रमित, 562 की मौत

जी.किशन रेड्डी ने आगे राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर हैदराबाद में और ज्यादा मौतें क्यों हो रही हैं. हैदराबाद शहर के 71 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव है. यह सब तब पता चला जब उन्होंने निजी लैब में कोरोना टेस्ट करवाया. हम समझ सकते हैं कि स्थिति कितनी विकट है. ऐसी स्थिति में राज्य सरकार द्वारा हैदराबाद के लोगों को छोड़ दिया गया है. Also Read - महाराष्ट्र के गणपति पूजा पर मंडराया कोरोना का खतरा! लालबागचा राजा के होंगे ऑनलाइन दर्शन व पूजा

रेड्डी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की KCR सरकार MIM पार्टी के निर्देश पर एक तरफा फैसेले ले रही है. इसलिए स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. बल्कि केंद्र द्वारा लगातार तेलंगाना को मदद दी जा रही है. बता दें कि शनिवार के दिन तेलंगाना में कोरोना संक्रमण व उससे होने वाले मौत के आंकड़ों में तेजी देखने को मिली थी. यहां एक दिन में 1,850 नए मामले देखने को मिले साथ ही 5 लोगों की मौत भी दर्ज की गई थी. बता दें कि अबतक राज्य में कुल 288 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.