नई दिल्‍ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस संकट का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर और रणनीतिक रूप से जांच से ही इस वायरस को पराजित किया जा सकता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह भी किया कि राज्यों और जिलों को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाएं. राहुल गांधी ने कहा, मैं बहुत सारे मुद्दों से नरेंद्र मोदी से असहमत हूं, लेकिन अब लड़ने का समय नहीं है. एकजुट होकर वायरस से लड़ें. Also Read - Viral Video: महिला ने नहीं पहना मास्क, थूकने की कोशिश की, प्लेन से जबरन उतारा गया...

गांधी ने वीडियो लिंक के जरिए से मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं आलोचना के लिए नहीं, रचनात्मक सहयोग के लिए टिप्पणी कर रहा हूं. सभी राजनीतिक दलों और जनता को इस संकट को मिलकर काम करना होगा’. Also Read - Covid 19 in India Update: कोरोना से 24 घंटे में 717 लोगों की मौत, 54 हजार नए मामले आए सामने

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, लॉकडाउन किसी भी तरह से COVID19 का समाधान नहीं है. लॉकडाउन एक पॉज़ बटन की तरह है. जब हम लॉकडाउन से बाहर आते हैं, तो वायरस अपना काम फिर से शुरू करने लगता है. Also Read - प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर कांग्रेस का हमला - 'देश को कोरोना का ठोस समाधान चाहिए, कोरा भाषण नहीं'


राहुल गांधी ने कहा COVID19 के खिलाफ लड़ने के लिए, हमारी मुख्य ताकत राज्य और जिला स्तरों पर काम कर रही है. जिला स्तर पर प्रभावी मशीनरी के कारण केरल के वायनाड में सफलता मिली है.

राहुल गांधी ने कहा, अब हम एक स्तर पर पहुंच गए हैं, जहां हम आपातकालीन स्थिति में हैं. भारत को एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ना होगा. मेरा मुख्य सुझाव यह है कि कुंद यंत्रों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. हमें रणनीतिक रूप से काम करना चाहिए. लॉकडाउन ने समस्या का समाधान नहीं किया है, इसने केवल समस्या को स्थगित कर दिया है.

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार परीक्षण-परीक्षण है, ताकि आप जान सकें कि वायरस कहां जा रहा है और आप इसे अलग कर सकते हैं, लक्ष्य बना सकते हैं या उससे लड़ सकते हैं. हमारी परीक्षण दर एक मिलियन में से 199 है, पिछले 72 दिनों में हमने जितने भी परीक्षण किए हैं, उनमें से प्रत्येक के लिए औसतन 350 परीक्षण औसत हैं. हमारी परीक्षण दर एक मिलियन में से 199 है, पिछले 72 दिनों में हमने जितने भी परीक्षण किए हैं, उनमें से प्रत्येक के लिए औसतन 350 टेस्‍ट प्रति जिला निकलता है.

राहुल ने कहा, यदि आप वायरस से लड़ना चाहते हैं, तो आपको टेस्टिंग को नाटकीय रूप से बढ़ाना होगा और आपके परीक्षण को वायरस का पीछा करने से आगे बढ़ने के लिए जाना होगा.

राहुल ने कहा, आप आक्रामक तरीके से परीक्षण करें और रणनीतिक रूप से परीक्षण का उपयोग करें, उनकी लड़ाई में राज्यों की सहायता करने के लिए, इसका उपयोग न केवल मरीजों को ट्रैक करने के लिए करें, बल्कि भारत का एक नक्शा बनाने के लिए देखें कि वायरस कहां बढ़ रहा है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आक्रामक ढंग से जांच करिए. बड़े पैमाने पर जांच करिए. रणनीतिक रूप से जांच करिए.