Rahul Gandhi suddenly said you’ll have to withdraw #farmlaws. I am giving him open challenge for a debate, whether the laws are good, in the interest of farmers or not. I am giving challenge to Rahul Gandhi & DMK to debate: Union Minister Prakash Javadekar in Chennai: बीजेपी ने कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी को किसानों के मुद्दे पर खुली चुनौती दी कि वह इस बारे में खुली बहस कर लें कि कांग्रेस ने सत्ता में रहने के दौरान किसानों के लिए क्या किया और मोदी सरकार ने क्या किया है. बीजेपी केंद्र सरकार पर राहुल गांधी के आरोपों को गुरुवार को निराधार और तर्कहीन करार दिया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जहां चेन्‍नई में कांग्रेस पर हमला किया वहीं, दिल्‍ली में बीजेपी प्रवक्‍ता सुधांसु त्र‍िवेदी ने राहुल गांधी को हताश और निराश व्‍यक्‍ति बताया है. Also Read - बिहार में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या, कॉलेज में दिनदहाड़े वारदात

चेन्‍नई में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, राहुल गांधी ने अचानक कहा कि आपको कृषि कानून वापस लेना होगा. मैं उन्‍हें बहस के लिए खुली चुनौती दे रहा हूं, किसानों के हित में कि कृषि कानून अच्छे हैं या नहीं हैं. मैं राहुल गांधी और डीएमके को बहस की चुनौती दे रहा हूं. Also Read - US: खलिस्‍तान समर्थकों ने कृषि कानूनों के खिलाफ वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास के बाहर किया प्रदर्शन

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने किसानों के हितों की अनदेखी की तथा अनाज के सस्ते दाम सुनिश्चित कर उन्हें गरीब बनाए रखने का काम किया, लेकिन मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से किसानों को उचित दाम उपलब्ध कराने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को क्रियान्वित कर उन्हें सशक्त बनाया है. Also Read - Tractor Rally के उत्पातियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, 7 FIR हुईं दर्ज

भाजपा नेता ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को नौ करोड़ किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपए हस्तांतरित करेंगे जिसके साथ ही, किसानों के खाते में अब तक सीधे जमा की गई राशि 1.20 लाख करोड़ रुपए हो जाएगी. उन्होंने कहा, ”यह महज शुरुआत है. यह दस साल तक जारी रहेगी और योजना सात लाख करोड़ रुपए की है.”

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि इसके विपरीत कांग्रेस जब सत्ता में थी तो उसने किसानों का केवल 53,000 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया और यह धन किसानों को नहीं दिया गया, बल्कि उनके कर्ज के रूप में बैंकों को दिया गया.

जावड़ेकर ने कहा, ”मैं कांग्रेस और राहुल गांधी को खुली बहस की चुनौती देता हूं. मैं साबित कर दूंगा कि कांग्रेस ने किस तरह हमेशा किसानों के हितों की अनदेखी की और किस तरह मोदी ने उन्हें सशक्त किया. किसानों ने अपने उत्पाद के लिए हमेशा उचित मूल्य की मांग की, लेकिन कांग्रेस ने यह कभी पूरी नहीं की.”

बता दें कि इससे पहले 24 दिसंबर को राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि ”भारत में कोई लोकतंत्र” नहीं है और यह केवल कल्पना में मौजूद है. कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से मुलाकात की थी और केंद्र के नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाने की मांग की थी.

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, ”किसान (दिल्ली की सीमाओं पर डटे) तब तक वापस नहीं लौटेंगे जब तक ये कानून निरस्त नहीं हो जाते. सरकार को संसद का संयुक्त सत्र आहूत करना चाहिए तथा इन कानूनों को निरस्त करना चाहिए.”

जावड़ेकर ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की इस मांग पर कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा होता है, तब तो कांग्रेस सदस्य इसमें बाधा डालते हैं और चर्चा में भाग नहीं लेते. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसानों से वार्ता के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं और विश्वास है कि समाधान निकल आएगा.

वहीं, बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेस सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पर उनके ”निराधार और तर्कहीन” आरोप उनकी प्रकृति के अनुरूप हैं. उन्होंने गांधी को ”हताश और व्यथित” व्यक्ति करार दिया.

गांधी के इस आरोप पर कि सरकार अपने आलोचकों पर ”राष्ट्र विरोधी” होने का आरोप लगा देती है, त्रिवेदी ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दल ने किसानों के जाने-माने नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह पर देशद्रोह का आरोप लगाया था और उन्हें जेल भी भेजा था.

बीजेपी प्रवक्‍ता त्र‍िवेदी ने पूछा कि गांधी केरल में किसानों के लिए आंदोलन क्यों नहीं कर रहे हैं, जहां कृषि उत्पाद विपणन समिति कानून नहीं है. गांधी केरल के वायनाड से सांसद हैं. त्रिवेदी ने कहा, ”केरल में जो अच्छा है, वह दिल्ली में बुरा है, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता.”