नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर इमरान खान शनिवार को पाकिस्तान के पीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी इस इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने जा रहे हैं. अटारी वाघा बॉर्डर पर सिद्धू ने आज कहा कि मैं सदभावना दूत के तौर पर पाकिस्तान जा रहा हूं. मैं वहां इस उम्मीद से जा रहा हूं कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार आए. सिद्धू ने एक बयान में कहा था कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कार्यालय को इस्लामाबाद में 18 अगस्त को शपथग्रहण समारोह में शामिल होने की अपनी इच्छा से अवगत करा दिया है. Also Read - US Election 2020: डोनाल्ड ट्रंप Vs जो बाइडेन, जानें कौन हैं और क्या है इनका नजरिया, भारत को होगा फायदा या नुकसान?

इमरान खान ने रचा इतिहास

इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. दूसरे नंबर पर नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) रही. चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच इमरान इतिहास रचते हुए पीएम की कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब रहे.

इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं नवजोत सिंह सिद्धू

अपने शपथ ग्रहण के ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटरों सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू को आमंत्रित किया था. लेकिन गावस्कर ने अपनी व्यस्तता बताते हुए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया. कपिल की तरफ से किसी तरह का जवाब नहीं आया. लेकिन सिद्धू ने इमरान खान के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने की तभी हामी भर दी थी.

इसके लिए सिद्धू विदेश मंत्रालय भी पहुंचे और वहां अपनी पाकिस्तान यात्रा को लेकर दरख्वास्त की. अब वह वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान रवाना हो रहे हैं.

पाक नेशनल एसेंबली में आज अहम बैठक

बता दें कि पाकिस्तान के नेशनल एसेंबली के नए सदस्य आज प्रधानमंत्री का निर्वाचन करने के लिए बैठक कर रहे हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 65 वर्षीय अध्यक्ष इमरान खान और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने इस सदन के शीर्ष नेता के लिए नामांकन दायर किया है.

क्रिकेटर से नेता बने खान की जीत लगभग सुनिश्चित है क्योंकि विपक्ष के महागठबंधन में पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज की उम्मीदवारी को लेकर दरार पैदा हो गई. बता दें कि पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच शांति बहाली के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद रखा जाएगा.