नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर अडिग राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वह अब पार्टी के प्रमुख नहीं हैं और नए अध्यक्ष के लिए जल्द चुनाव होना चाहिए. गांधी ने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, ”मैं अध्यक्ष नहीं हूं. नए अध्यक्ष के लिए जल्द चुनाव हो.” उन्होंने यह भी कहा कि नए अध्यक्ष के लिए चुनाव एक महीने पहले हो जाना चाहिए था. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर कांग्रेस के नए प्रमुख की तलाश और तेज हो गई है.

संसद पहुंचे राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों से कहा, पार्टी को बिना किसी देरी के अपना अध्‍यक्ष तय कर लेना चाहिए. मैं इस प्रक्रिया में कहीं नहीं हूं. मैं पहले ही अपना त्‍यागपत्र सौंप चुका हूं और मैं ज्‍यादा दिनों तक पार्टी अध्‍यक्ष नहीं रहूंगा. सीडब्‍ल्‍यूसी को जल्‍द एक मीटिंग बुलाना चाहिए और तय करना चाहिए.

वहीं, बुधवार को राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने यूपीए अध्‍यक्ष व कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी से उनके निवास पर 40 मिनट की मुलाकात की है.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था. इसके बाद से गांधी लगातार इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे आग्रह किया है कि वह कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें.

बता दें कि कांग्रेस शासित पांचों राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के अनुरोध को राहुल गांधी ने स्‍वीकार नहीं किया और नए अध्‍यक्ष की तलाश करने के लिए कहा. राहुल गांधी के इस रुख के बाद बुधवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत बुधवार को वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी के साथ गहलोत की मुलाकात 40 मिनट से ज्यादा चली.

कांग्रेस के पांचों मुख्यमंत्रियों के सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें कांग्रेस प्रमुख पद पर बने रहने का आग्रह करने के दो दिन बाद गहलोत ने सोनिया से मुलाकात की है.

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद 25 मई को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 52 सीटें ही जीत सकी है. राहुल गांधी अपनी परंपरागत सीट अमेठी में हार गए है, लेकिन वह केरल के वायनाड से जीतकर संसद पहुंचने में कामयाब रहे.