नई दिल्‍ली: देश के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप और मर्डर के दोषियों को फांसी देने के लिए दिल्‍ली की अदालत ने मंगलवार को तारीख मुकर्रर कर दी.  पट‍ियाला कोर्ट ने मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को 22 जनवरी को सवेरे सात बजे तिहाड़ जेल में मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए आवश्यक डेट वारंट जारी किए हैं. इस खबर के बाद मेरठ के जल्‍लाद पवन ने कहा, ” मैं चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयार हूं. अभी तक जेल प्रशासन ने मुझे संपर्क नहीं किया है. अगर मुझे आदेश मिलता है तो मैं निश्‍च‍ित रूप से जाऊंगा. मैं वास्‍तव में खुद राहत की सांस लूंगा व निर्भया के अभिभावकों और सभी को दूंगा.

वहीं तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कहा है कि 22 नवंबर को चारों दोषियों को जेल नं.3 में सुबह 7 बजे फांसी दी जाएगी. तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि हमने मेरठ के एक जल्‍लाद की सेवाएं लेना चाहेंगे. हमारे पास जेल में चारो दोषियों को फांसी देने के लिए सारी उचित तैयारी है.

जेल अधिकारियों ने बताया कि यूपी जेल विभाग को फांसी पर लटकाने वाले एक व्‍यक्‍ति की सेवा लेने के लिए लिखा गया है और कोर्ट द्वारा तय समय में चारों दोषियों को फांसी देने बारे में सूचित कर दिया गया है.

आरोपियों के पास अभी दो विकल्‍प
जघन्‍य कांड के मुजरिमों की मौत की सजा पर अमल के लिए आवश्यक वारंट जारी होने के बाद इन दोषियों के पास अब सिर्फ सुधारात्मक याचिका दायर करने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है. इस सनसनीखेज अपराध के दोषियों अक्षय, पवन और विनय का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि वह शीघ्र ही सुप्रीम न्यायालय में सुधारात्मक याचिका दायर करके इसका निबटारा होने तक मौत की सजा पर अमल के निचली अदालत के वारंट पर रोक लगाने का अनुरोध करेंगे.

राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने का भी प्रावधान
अधिवक्ता ने बताया कि वह शीघ्र ही सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर करेंगे. ये मुजरिम मौत की सजा के फंदे से बचने के लिए राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने के प्रावधान का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सुधारात्मक याचिका अंतिम कानूनी उपाय है और आमतौर पर न्यायाधीशों के चैंबर में ही इस पर विचार किया जाता है.

मामले पर एक नजर 
-अदालत ने मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को 22 जनवरी को सवेरे सात बजे तिहाड़ जेल में मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए आवश्यक वारंट जारी किए हैं
– सुप्रीम कोर्ट ने मई 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए अक्षय सिंह की याचिका पिछले साल 18 दिसंबर को खारिज कर दी थी. – शीर्ष कोर्ट ने 9 जुलाई, 2018 को तीन अन्य दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थीं
– दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात में चलती बस में छह व्यक्तियों ने निर्भया से गैंग रेप के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके बाहर फेंक दिया था
– निर्भया की बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मृत्यु हो गई थी.