नई दिल्‍ली: दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कोरोना महामारी के संकट के बीच ऐसे प्राइवेट अस्‍पतालों को चेतावनी दी है, जो बेड्स की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे थे. उन्‍होंने कहा, कुछ हॉस्पिटल बेड्स की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे है. मैं उनको चेतावनी देना चाहता हूं  ऐसे हॉस्पिटल को बख्शा नही जाएगा.Also Read - COVID-19 Update: देश में आज आए कोरोना के 41,831 नए केस, लगातार बढ़ रहे एक्‍टिव मरीज

सीएम केजरीवाल ने कहा, अस्पताल इलाज करवाने के लिए बनाए है पैसे कमाने के लिए नहीं. सीएम केजरीवाल ने कहा, हमने बिस्तरों की कालाबाजारी रोकने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया. हमने अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की संख्या को पारदर्शी बनाने के बारे में सोचा. इसे लेकर हंगामा मचा हुआ था जैसे कि हमने कोई अपराध किया हो. Also Read - दिल्ली में एक करोड़ से अधिक टीके की खुराक दी गई: CM अरविंद केजरीवाल

सीएम केजरीवाल ने सख्‍त लहजे में कहा, दिल्ली के कुछ अस्पताल इतने शक्तिशाली हो गए हैं सभी पार्टियों के अंदर उनकी पहुंच हैं, उन्होंने धमकी दी है कि हम कोरोना के मरीज़ नहीं लेंगे जो करना है कर लो. मैं उनको कहना चाहता हूं कोरोना के मरीज़ तो तुमको लेने पड़ेंगे. जो दो-चार अस्पताल इस गुमान में हैं कि वो अपनी दूसरी पार्टी के आकाओं के जरिए कुछ करवा लेंगे, वो अपनी ब्लैक मार्केटिंग करेंगे. तो उनको मैं आज चेतावनी देना चाहता हूं, उनको बख्शा नहीं जाएगा. Also Read - '2015 से सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में चल रही है डीटीसी, नहीं खरीदी एक भी बस'

मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ अस्पताल COVID19 रोगियों के प्रवेश से इनकार कर रहे हैं. मैं उन लोगों को चेतावनी दे रहा हूं जो सोचते हैं कि वे अन्य दलों के अपने रक्षक के प्रभाव का उपयोग करके बिस्तरों की ब्लैक-मार्केटिंग करने में सक्षम होंगे, आपको बख्शा नहीं जाएगा.

सीएम ने कहा कि आज हम सभी अस्पतालों के लिए आर्डर पास कर रहे हैं. अब किसी भी सस्पेक्ट मरीज़ को अस्पताल भर्ती करने से मना नही कर सकता. अस्प्ताल को मरीज़ को भर्ती करना होगा, उसकी टेस्टिंग के साथ-साथ उसका इलाज भी करना होगा.

सीएम केजरीवाल ने कहा, अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए हम दिल्ली सरकार का एक मेडिकल प्रोफेशनल हर अस्पताल में तैनात कर रहे हैं. अस्पताल में बेड की उपलब्धि की सही जानकारी Delhi Corona ऐप पर देना और जरूरतमंदों का एडमिशन करवाना उनकी जिम्मेदारी होगी.

सीएम ने कहा, एक-एक प्राइवेट अस्पताल के मालिक को बुला कर हम उनसे जवाब मांगेंगे. जो अस्पताल इलाज करने से मना करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.

मुख्‍यमंत्री ने कहा, सरकारी और प्राइवेट मिला के कुल 42 लैब है, उनमे से 36 लैब अच्छे से काम कर रही है. 6 लैब ठीक से काम नही कर रही थी, उनको चेतावनी दे दी गई है. आप ‘फ्लू क्लिनिक’ या ‘कोविड टेस्टिंग सेंटर’ में भी टेस्ट करा सकते है.