नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि वह जब भी “बेहद आहत” महसूस करते हैं, जब कोई हिंदुत्व के विचारक विनायक दामोदर सावरकर की आलोचना करता है. उन्होंने कहा कि एक बार मेरा सामना एक “बड़े” विपक्षी नेता से हुआ, उनसे मैंने कहा कि सावरकर की निंदा करने से पहले उनके बारे में अध्ययन करें. गडकरी यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साखा में मौजूद थे. वर्तमान में वे नागपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं. Also Read - RSS ने साधा जमात पर निशाना, कहा- नर्सों के साथ गलत हरकत करना विकृत मानसिकता....

RSS के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरविंद खांडेकर के सम्मान समारोह में गडकरी ने कहा, “मुझे बहुत दुख होता है जब कोई सावरकर के बारे में कुछ गलत कहता है. सावरकर और शिवाजी महाराज हम सभी के लिए पूजनीय हैं. हमें सावरकर पर गर्व है.” उन्होंने कहा, “मैं एक बार एक बड़े राजनीतिक नेता से मिला, जिन्होंने सावरकर के बारे में कुछ बुरा कहा था. मैंने उनसे कहा कि सावरकर के बारे में बुरा मत बोलिए और उससे पहले सावरकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में ठीक से अध्ययन करें. Also Read - आरएसएस ने तबलीगी जमात पर साधा निशाना, कहा- कोरोना के आंकड़े सच बताते हैं, वे बेनकाब हो गए

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समारोह में बातचीत के दौरान इस नेता के बारे में गडकरी ने आगे कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा कि आप RSS कार्यकर्ता हैं? तो मैंने कहा हां. फिर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आप अच्छे हो, और तब मैंने कहा कि मैं अच्छा हूं यानी RSS और सावरकर अच्छे हैं. यदि सावरकर और RSS बहुत ही गलत हैं तो मैं भी अच्छा नहीं हूं. मैंने उनसे कहा कि पहले अध्ययन करें फिर आलोचना करें.

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि विरोधियों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए और उन्हें सच्चाई से रू-ब-रू कराएं, जिससे उनकी नकारात्मक धारणाओं के साथ-साथ उनके दिलों को भी बदला जा सकें. पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक विवाद को हवा दे दी थी, जब उन्होंने कहा था कि वह “भारत में बलात्कार” वाले टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि मेरा नाम “राहुल सावरकर” नहीं है. वहीं राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सावरकर के पोते रंजीत ने कहा था कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के दादा का अपमान करने के लिए राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से पीटना चाहिए.