नई दिल्‍ली: राजधानी दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय Jamia Millia Islamia University के पास गुरुवार को हुई फायरिंग की घटना के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Amit Shah ने बयान दिया है. उन्‍होंने कहा, आज मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर Delhi Police Commissioner से गोलीबारी की घटना पर (जामिया क्षेत्र में) बात की है और उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी, इसे गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में गुरुवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) CAA, NRC, NPR, के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक समूह पर एक व्यक्ति ने पिस्तौल से गोली चला दी और हथियार लहराते हुए आराम से निकल गया. पुलिस की भारी संख्या में तैनाती के बीच उसने ‘ये लो आजादी’ का नारा भी लगाया. हालांकि बाद में व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर हिरासत में ले लिया. Also Read - IND vs ENG: Amit Shah की दिली तमन्ना, पिंक बॉल टेस्ट में दोहरा शतक जड़ें Cheteshwar Pujara

इस घटना के बाद विरोधी दलों ने केंद्र की सत्‍तारूढ़ सरकार और बीजेपी पर हमला किया, वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर को फायरिंग जैसी घटनाओं को लेकर कड़े एक्‍शन लेने की बात कही है. Also Read - पूर्व IFS अधिकारी ने खुद को मारी गोली! कई देशों में रह चुके हैं भारत के राजदूत

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में यह पूरी घटना टेलीविजन कैमरों ने रिकॉर्ड हो गई, जिसमें दिखा कि हल्के रंग की पैंट और गहरे रंग की जैकेट पहना व्यक्ति पुलिस द्वारा बैरिकेड की गई खाली सड़क से निकलता है और मुड़कर प्रदर्शनकारियों पर चिल्लाता है. ”ये लो आजादी.” कुछ टेलीविजन चैनलों ने कहा कि पिस्तौल लिए हुए व्यक्ति की पहचान गोपाल के तौर पर हुई है, लेकिन इसकी अभी तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई है.

विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की छात्रा आमना आसिफ ने कहा, ”हम होली फैमिली अस्पताल की ओर बढ़ रहे थे, जहां पुलिस ने बैरिकेड लगाए हुए हैं. अचानक पिस्तौल लिए हुए व्यक्ति आया और गोली चला दी. एक गोली मेरे मित्र के हाथ पर लगी.” उसने कहा कि उसका मित्र शादाब फारुक घायल हो गया और उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है. आमना ने बताया कि शादाब जनसंचार का छात्र है.

एक अन्य छात्र अल अमीन ने कहा कि व्यक्ति अपनी पिस्तौल लहरा रहा था और चिल्ला रहा था ”ये लो आजादी.” जब यह घटना हुई उस समय वहां पुलिस की भारी तैनाती थी और बड़ी संख्या में मीडिया भी मौजूद था. छात्र जामिया से महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जा रहे थे. मार्च को विश्वविद्यालय के पास होली फैमिली अस्पताल के करीब रोक दिया गया.

छात्र इसी क्षेत्र में बैठ गए और ‘पुलिस वापस जाओ’ के नारे लगाने लगे. जब वे नारे लगा रहे थे पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाये रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के लिए कहा. डीसीपी (दक्षिण) चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि छात्र जामिया से राजघाट तक एक मार्च निकालना चाहते थे लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई.