द हेग: तब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने रविवार को कहा कि उन्हें बौद्ध शिक्षकों द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने की जानकारी 1990 से है और इस तरह के आरोप नए नहीं हैं. दलाई लामा ने नीदरलैंड की चार दिवसीय यात्रा के दौरान यह बात कही जहां उन्होंने कथित तौर पर बौद्ध शिक्षकों के यौन उत्पीड़न का शिकार हुए लोगों से मुलाकात की. वह यौन उत्पीड़न के दर्जनों पीड़ितों की मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिन्होंने यूरोप यात्रा के दौरान उनसे मिलने के लिए अर्जी दी की थी. पीड़ितों ने अपनी अर्जी में कहा कि वहां हमारे साथ दुष्कर्म किया गया.

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दलाई लामा ने शनिवार देर रात सरकारी टीवी चैनल एनओएस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं इन चीजों के बारे में पहले से जानता हूं इसमें कुछ भी नया नहीं है. उन्होंने कहा, 25 साल पहले किसी ने उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्र धर्मशाला में पश्चिमी बौद्ध शिक्षकों के लिए एक सम्मेलन में यौन उत्पीड़न के आरोपों का उल्लेख किया था. उन्होंने कहा जो लोग यौन शोषण करते हैं उन्हें बौद्ध शिक्षा की परवाह नहीं हैं. दलाई लामा (83) धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं.

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गौरतलब है कि हाल ही में बिहार के गया जिले के एक स्कूल और मेडिटेशनन सेंटर के संचालक और भिक्षु को बच्चों के साथ दुराचार और अनैतिक कार्य करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, बोधगया थाना क्षेत्र के मस्तीपुर स्थित प्रजना ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर के बच्चों ने पढ़ाने के नाम पर भिक्षु भंते सुजाय संघप्रिय पर दुराचार, अनैतिक कार्य, मारपीट और भोजन नहीं दिए जाने का आरोप लगाया था. संस्था में नाबालिग बच्चों के साथ दुराचार, यौनाचार किए जाने का मामला संज्ञान में आते ही प्रभारी भिक्षु को गिरफ्तार कर लिया गया है.