नई दिल्ली। बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या ने आज नया दावा कर सनसनी मचा दी. लंदन में वेस्टमिंस्टर कोर्ट के बाहर माल्या ने कहा कि मैंने देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से बातचीत की थी. मैंने उनसे मिलकर कर्ज का मामला निपटाने पर बात की थी. लेकिन मामला निपटाने पर बैंकों ने आपत्ति जताई थी. माल्या ने कहा कि मुझे बलि का बकरा बनाया गया है. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या उन्हें देश से भागने के लिए आगाह किया गया था, उन्होंने कहा किमैं भारत से रवाना हुआ क्योंकि मेरी जिनेवा में एक मुलाकात का कार्यक्रम था. रवाना होने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला था और निपटारे (बैंकों के साथ मुद्दे) की पेशकश दोहराई थी. यही सच्चाई है. माल्या ने मंत्री का नाम लिए बगैर यह बात कही. धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना कर रहे 62 वर्षीय माल्या अपने प्रत्यर्पण के एक मामले के सिलसिले में अदालत पहुंचे थे. Also Read - Bank loan Interest Relief: कर्जदारों को केंद्र सरकार का बड़ा दिवाली तोहफा, बैंक से इतने रुपये तक का कर्ज लेने वालों को ब्याज में दी राहत

माल्या जब 2016 में भारत से भागा था, उस वक्त अरुण जेटली वित्त मंत्री थे. जेटली ने शराब कारोबारी के दावे को खारिज करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि 2014 के बाद से उन्होंने भगोड़ा शराब कारोबारी को मिलने के लिए कभी समय नहीं दिया और मुझसे मुलाकात होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता. बैंकों से 9000 हजार करोड़ का लोन लेकर फरार होने के मामले में माल्या को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. विजय माल्या बुधवार को लंदन की एक अदालत में अपने प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई के लिए पेश हुए. इसमें जजों ने भारतीय अधिकारियों द्वारा मुंबई जेल में माल्या के लिए की गई तैयारी के वीडियो की समीक्षा की.

वहीं, भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने के शराब कारोबारी विजय माल्या के दावे पर कांग्रेस ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं. कांग्रेस ने कहा कि सरकार को बताना होगा कि विजय माल्या को भारत से जाने कैसे दिया गया.

9000 करोड़ की धोखाधड़ी

किंगफिशर एयरलाइन के 62 वर्षीय प्रमुख विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वारंट के बाद से जमानत पर हैं. उनपर भारत में करीब 9000 करोड़ रूपये के धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप हैं. इससे पहले जुलाई में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत की न्यायाधीश एमा अर्बुथनाट ने कहा था कि उनके संदेहों को दूर करने के लिए भारतीय अधिकारी आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 का सिलसिलेवार वीडियो’ जमा करने को कहा था.

बिजनेसमैन विजय माल्या को झटका, लंदन में 10,000 करोड़ रुपये का केस हारे

भारत सरकार की तरफ से क्राउन प्रासिक्यूसन सर्विस (सीपीएस) ने जिरह की थी और वीडियो अदालत के लिए रजामंदी जताई थी. वीडियो अदालत में जमा कर दिया गया. माल्या का बचाव करने वाले दल ने जेल के निरीक्षण की मांग की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया को ब्रिटेन के मानवाधिकार संबंधी वादे को पूरा करता है.